पाटन। सेलूद चौक से चुनकट्टा, मुड़पार होते हुए गनियारी तक जाने वाला मुख्य मार्ग वर्तमान में अत्यंत जर्जर एवं खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर वर्षा ऋतु में सड़क पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क के निर्माण की मांग को लेकर लगभग 8 वर्ष पूर्व सेलूद चौक में चक्काजाम आंदोलन भी किया गया था। इसके बाद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन वर्तमान में यह सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है और इसके नवीनीकरण की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
यह मार्ग चुनकट्टा, मुड़पार, पतोरा सहित आसपास संचालित पत्थर खदानों से निकलने वाले खनिजों के परिवहन का प्रमुख मार्ग है। इस सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में भारी वाहन गुजरते हैं, जिससे सड़क की स्थिति और खराब हो गई है। खनिज परिवहन से शासन को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है तथा जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) निधि में भी इस क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है। इसके बावजूद ग्रामीण वर्षों से खराब सड़क की समस्या झेल रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में सड़क कीचड़ और गड्ढों से भर जाती है, जबकि गर्मी और सर्दी के दिनों में उड़ने वाली धूल लोगों के स्वास्थ्य के लिए परेशानी का कारण बनती है। प्रतिदिन इसी मार्ग से विद्यालय एवं महाविद्यालय जाने वाले विद्यार्थी, किसान, मजदूर तथा अन्य वाहन चालक आवागमन करते हैं, जिन्हें गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क के नवनिर्माण एवं अस्थायी मरम्मत की मांग को लेकर वर्ष 2025 के सुशासन तिहार में भी आवेदन प्रस्तुत किया गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं इस वर्ष भी ग्रामीणों ने सुशासन तिहार के माध्यम से पुनः आवेदन देकर सड़क निर्माण की मांग उठाई है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि आमजन की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सेलूद चौक से चुनकट्टा, मुड़पार होते हुए गनियारी तक की सड़क का शीघ्र नवनिर्माण कराया जाए तथा तब तक अस्थायी मरम्मत कर आवागमन को सुगम बनाया जाए। इससे क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिलेगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।





