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AI Technology: ऑफिस में खो गया था फोन, AI ने मिनटों

By NS
On: August 5, 2026 11:09 PM
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AI Technology: आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिर्फ सवालों के जवाब देने या कंटेंट तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान भी तेजी से कर रहा है। इसका ताजा उदाहरण तब देखने को मिला, जब एक व्यक्ति का स्मार्टफोन ऑफिस में कहीं गुम हो गया। काफी देर तक तलाश करने के बावजूद फोन नहीं मिला, लेकिन आखिरकार AI की मदद और ब्लूटूथ तकनीक ने कुछ ही मिनटों में उसका पता लगा दिया।

जानकारी के मुताबिक, व्यक्ति का फोन ऑफिस में कहीं छूट गया था। उसने सबसे पहले अपने स्तर पर डेस्क, मीटिंग रूम और कैंटीन सहित कई जगहों पर करीब आधे घंटे तक फोन की तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। परेशानी तब और बढ़ गई जब कंपनी के मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट (MDM) सिस्टम की वजह से फोन का ‘Find My’ फीचर भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता था।

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जब पारंपरिक तरीके काम नहीं आए तो उसने AI असिस्टेंट Claude की मदद ली। AI ने सलाह दी कि ब्लूटूथ सिग्नल की ताकत (Signal Strength) का इस्तेमाल कर फोन को खोजा जा सकता है। इसके बाद Claude ने कुछ ही समय में ऐसा टूल तैयार कर दिया, जो आसपास मौजूद ब्लूटूथ डिवाइस का सिग्नल मापकर यह बताता था कि संबंधित डिवाइस कितनी दूरी पर है।

AI की मदद से तैयार इस टूल को लेकर वह ऑफिस में अलग-अलग जगह घूमता रहा। जैसे-जैसे वह अपने फोन के करीब पहुंचता गया, ब्लूटूथ सिग्नल मजबूत होता गया। इसी संकेत के आधार पर उसने कुछ ही देर में अपना खोया हुआ फोन ढूंढ लिया। इस पूरी प्रक्रिया का वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया, जिसे बाद में साझा किया गया। साथ ही इस टूल को ओपन सोर्स भी कर दिया गया, ताकि दूसरे लोग भी इसका उपयोग कर सकें।

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यह ब्लूटूथ सिग्नल टूल आसपास मौजूद सभी ब्लूटूथ डिवाइस को स्कैन करता है और उनकी सिग्नल स्ट्रेंथ को रियल टाइम में दिखाता है। इसमें ‘हंट मोड’ (Hunt Mode) नाम का फीचर भी दिया गया है, जिसकी मदद से किसी खास डिवाइस को उसके नाम के आधार पर ट्रैक किया जा सकता है। यदि इसमें ऑडियो फीचर जोड़ा जाए तो डिवाइस के करीब पहुंचने पर क्लिक की आवाज तेज होती जाती है, जिससे सही दिशा का अंदाजा लगाना और आसान हो जाता है।

इस टूल की खास बात यह है कि इसे चलाने के लिए किसी मोबाइल ऐप, अतिरिक्त सॉफ्टवेयर या ‘Find My’ जैसे फीचर की जरूरत नहीं पड़ती। यह कमांड लाइन के जरिए काम करता है और केवल ब्लूटूथ सिग्नल के आधार पर यह अंदाजा लगाने में मदद करता है कि फोन आपके पास है, उसी कमरे में है या फिर कहीं दूर रखा हुआ है।

यह घटना दिखाती है कि AI अब केवल डिजिटल असिस्टेंट नहीं रह गया है, बल्कि वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हालांकि यह मामला एक व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है, लेकिन इससे यह जरूर साबित होता है कि सही तकनीक और AI का उपयोग कई मुश्किल कामों को भी बेहद आसान बना सकता है।



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