प्रधानमंत्री आवास 2.0 की सूची में बड़ी गड़बड़ी, पाटन ब्लॉक के हजारों हितग्राहियों के नाम गायब
पाटन। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 2.0 के तहत पात्र-अपात्र हितग्राहियों के चयन एवं प्राथमिकता सूची तैयार करने के लिए 24 जून को प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा आयोजित की जा रही है। इस ग्राम सभा का ग्रामीणों को लंबे समय से इंतजार था, लेकिन पाटन ब्लॉक की कई ग्राम पंचायतों में जारी सर्वे सूची से बड़ी संख्या में हितग्राहियों के नाम गायब होने से असंतोष और भ्रम की स्थिति बन गई है।
जनकल्याण समिति के संयोजक युगल किशोर आडिल ने बताया कि वर्ष 2018 में हुए सर्वे के आधार पर अधिकांश पात्र हितग्राहियों को आवास स्वीकृत हो चुके हैं और कई आवास पूर्णता की ओर हैं। वहीं उस समय छूट गए जरूरतमंद परिवार प्रधानमंत्री आवास 2.0 के तहत नए सर्वे और चयन प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे। लेकिन वर्तमान में जारी सर्वे सूची में बड़ी संख्या में हितग्राहियों के नाम नहीं होने से उन्हें पात्रता से वंचित होने का डर सताने लगा है।
आडिल का कहना है कि विभागीय स्तर पर इसे सॉफ्टवेयर की तकनीकी त्रुटि बताया जा रहा है, लेकिन इसका खामियाजा हितग्राहियों, पंचायत प्रतिनिधियों, सचिवों, रोजगार सहायकों और सर्वे कार्य से जुड़े कर्मचारियों को भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि नाम विलोपित होने से ग्रामीणों में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं और 24 जून को आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में विवाद की स्थिति भी निर्मित हो सकती है।
उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि सॉफ्टवेयर त्रुटि के कारण छूटे हुए हितग्राहियों के नाम पुनः जोड़े जाएं तथा सभी ग्राम पंचायतों में नियुक्त नोडल अधिकारियों के माध्यम से ग्रामीणों को वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाए। साथ ही भविष्य में छूटे हुए नामों को जोड़ने की प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी भी दी जाए।
आडिल के अनुसार कई ग्राम पंचायतों में पूर्व सर्वे और वर्तमान सूची के आंकड़ों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। इनमें सिपकोना में 382 के मुकाबले 173, कुर्मीगुंडरा में 259 के मुकाबले 213, गुजरा में 554 के मुकाबले 367, सेमरी में 270 के मुकाबले 144, कसही में 98 के मुकाबले 62, सोरम में 388 के मुकाबले 300, औदरागहन में 250 के मुकाबले 109, सेलूद में 700 के मुकाबले 352, मर्रा में 350 के मुकाबले 284, बेल्हारी में 155 के मुकाबले 143, आगेसरा में 158 के मुकाबले 109, गातापार में 231 के मुकाबले 152, बोरेंदा में 272 के मुकाबले 125 तथा पौहा में 247 के मुकाबले 141 नाम सूची में दर्ज हैं।
उन्होंने कहा कि पाटन ब्लॉक के अधिकांश गांवों में इसी प्रकार की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में शासन-प्रशासन को तत्काल दिशा-निर्देश जारी कर छूटे हुए पात्र हितग्राहियों के नाम जोड़ने की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि वास्तव में जरूरतमंद परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 का लाभ प्राप्त कर सकें।




