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गरियाबंद पुलिस सख्त, नियम तोड़ने वाली बसों और वाहनों पर चला डंडा,फिटनेस, PUC और फायर सेफ्टी में लापरवाही पड़ी भारी, 10 हजार का ई-चालान; एसपी सिरमौर बोले- बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

By NS
On: June 25, 2026 3:15 PM
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गरियाबंद। सड़क सुरक्षा और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गरियाबंद पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। जिले में लगातार चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के मार्गदर्शन में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने विभिन्न स्थानों पर स्कूल बसों सहित अन्य व्यावसायिक एवं निजी वाहनों की गहन जांच की।

अभियान के दौरान स्कूल बसों में फिटनेस प्रमाणपत्र, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC), अग्निशामक यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, इमरजेंसी एग्जिट, स्पीड गवर्नर, वाहन दस्तावेज एवं अन्य सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की गई। जांच में कई वाहन आवश्यक सुरक्षा उपकरणों और वैध दस्तावेजों के बिना संचालित होते पाए गए, जिनके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करते हुए करीब 10 हजार रुपये का ई-चालान किया गया।

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यातायात एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बस संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़े किसी भी मानक की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन बसों में कमियां पाई गईं, उन्हें तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए।

पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने कहा कि सड़क पर दौड़ने वाला हर वाहन सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना चाहिए, लेकिन जब बात स्कूल बसों की आती है तो जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा, “माता-पिता अपने बच्चों को सुरक्षित भविष्य के लिए स्कूल भेजते हैं, ऐसे में स्कूल बस संचालकों की यह नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है कि वे सभी सुरक्षा मानकों का पालन करें। फिटनेस प्रमाणपत्र, फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य सुरक्षा उपकरण केवल कागजी औपचारिकताएं नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा कवच हैं।”

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एसपी सिरमौर ने दो टूक कहा, “बिना फिटनेस, बिना पीयूसी और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के वाहन चलाना सीधे तौर पर लोगों की जान को खतरे में डालना है। यदि किसी स्कूल बस या वाहन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बच्चों की सुरक्षा और सड़क सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।”

उन्होंने वाहन मालिकों और स्कूल प्रबंधन से अपील की कि सभी दस्तावेज समय-समय पर अपडेट कराएं और यह सुनिश्चित करें कि वाहन पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में ही सड़क पर उतरें। गरियाबंद पुलिस ने साफ किया है कि जिलेभर में यह विशेष जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

चेकिंग अभियान के दौरान एक दिलचस्प और सकारात्मक दृश्य भी देखने को मिला। जब यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की टीम अचानक स्कूल बसों की जांच के लिए पहुंची तो बसों में बैठे बच्चे पहले कुछ पल के लिए अचंभित हो गए। बच्चों को लगा कि आखिर उनकी बस को क्यों रोका गया है, लेकिन जब अधिकारियों ने उन्हें बताया कि यह जांच उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है, तो बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई।

कई जगह बच्चों ने उत्सुकता के साथ पुलिस अधिकारियों की गतिविधियों को देखा। पुलिसकर्मियों ने भी बच्चों से संवाद कर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की जानकारी साझा की। बसों में फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स और इमरजेंसी एग्जिट की जांच के दौरान बच्चों की जिज्ञासा देखने लायक थी। कुछ बच्चों ने अधिकारियों से सुरक्षा उपकरणों के उपयोग के बारे में सवाल भी पूछे।

इस दौरान पुलिस और बच्चों के बीच आत्मीय संवाद का एक बेहतरीन नजारा देखने को मिला। अधिकारियों ने बच्चों को भरोसा दिलाया कि यह पूरा अभियान उनकी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है, ताकि वे हर दिन सुरक्षित स्कूल पहुंच सकें और सुरक्षित घर लौट सकें।

 

 

 

 

 



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