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पाटन ब्लॉक के सभी आत्मानंद स्कूलों में सुबह लग रही हाई स्कूल की कक्षाएं, फिर सेलूद में ही क्यों बदली व्यवस्था?

By NS
On: June 25, 2026 2:15 PM
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पाटन। शासकीय स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल सेलूद में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं को दोपहर पाली में संचालित किए जाने को लेकर पालकों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है। उनका कहना है कि इस निर्णय से न केवल विद्यार्थियों की दिनचर्या प्रभावित हुई है, बल्कि अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक और मानसिक बोझ भी पड़ रहा है।
पालकों के अनुसार, जब से स्कूल संचालित हो रहा है तब से हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी की कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक लगती थीं। लेकिन इस वर्ष कक्षा 1वीं से 8वीं तक की पढ़ाई प्रथम पाली में और कक्षा 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक कराई जा रही है।
इस बदलाव से उन परिवारों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है जिनके बच्चे अलग-अलग कक्षाओं में अध्ययनरत हैं। अभिभावकों को दिन में कई बार स्कूल आना-जाना पड़ रहा है, जबकि निजी वाहन से बच्चों को भेजने वाले पालकों को अलग-अलग समय के कारण अतिरिक्त किराया भी देना पड़ रहा है।
इस संबंध में स्कूल की प्राचार्य पियाली सेन का कहना है कि विद्यालय में कक्षाओं का संचालन शासन के निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उच्च अधिकारियों द्वारा लिखित आदेश जारी किया जाता है तो कक्षाओं का संचालन पुनः सुबह की पाली में किया जा सकता है। वर्तमान में उपलब्ध व्यवस्थाओं के अनुरूप दोपहर पाली में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं ताकि पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो सके।
हालांकि पालकों का तर्क है कि पाटन विकासखंड में संचालित अन्य सभी स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई आज भी प्रथम पाली में संचालित हो रही है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब अन्य विद्यालयों में सुबह की पाली में कक्षाएं लग सकती हैं तो सेलूद में ही ऐसी कौन-सी बाध्यता है जिसके कारण हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी के विद्यार्थियों को दोपहर पाली में पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है?
पालकों ने शिक्षा विभाग से इस विषय में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने तथा विद्यार्थियों और अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सेलूद में भी पूर्ववत प्रथम पाली में कक्षाओं का संचालन शुरू कराने की मांग की है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है— जब पूरे पाटन ब्लॉक में व्यवस्था एक जैसी है, तो सेलूद में अलग नियम क्यों? यह प्रश्न अभिभावकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।



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