खबर हेमंत तिवारी,,,,,,,,
राजिम /बुधवार को गरियाबंद जिले के लगभग 300 से ज्यादा कर्मचारी कलेक्ट्रेट कार्यालय में हुए लामबंद। लगभग 10 से 15 वर्षो से जिले के अलग अलग आश्रमों एवम हॉस्टल में कार्य कर रहे दैनिक वेतन भोगी के कर्मचारियों ने अपनी वर्षो पुरानी समस्याओं कों लेकर एक बार फिर जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया और 7 सूत्रीय मांगो को लेकर कलेक्टर के नाम आदिवासी सहायक आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।पीड़ितों ने कहा की कार्यलाय आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास नया रायपुर अटल नगर में दिनांक 15.05.2024 आदेश के तहत कार्यरत कलेक्टर दर दैनिक वेतन भोगी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को रिक्त पदों पर युक्ति युक्तिकरण समायोजन करते हुए नियमित वेतनमान का लाभ प्रदाय किए

जाने की बात कही गई थी। लेकिन आज हम लोगो को हास्टल से ही बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। हम लोगो की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं पिछले दो वर्षो से हमारा वेतन नही मिला है।जिसके संबंध में जिला प्रशासन एवम आदिवासी सहायक आयुक्त गरियाबंद को अवगत कराया गया।लेकिन हमारी समस्या हमारी मांगों को दरकिनार किया गया। मरहम लगाने के बजाय कलेक्ट्रेट के चक्कर पे चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे है। इसमें से कई कर्मचारियों को बिना सूचना के काम से निकाल दिया गया। जिससे हम लोग शारीरिक, मानसिक एवम आर्थिक रूप से बहुत ज्यादा परेशान है।जबकि नियुक्ति के कुछ समय बाद नियुक्ति आदेश देने की बात कही गई थी

लेकिन आज हमारे साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। हमारी मांगे 05 दिवस के अंदर पूरी नही होती है तो 30 जून से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठेंगे। वही निकाले गए कर्मचारियों की नियुक्ति में एक पूर्व अधिकारी का बड़ा खेल छुपा हुआ है जो समय समय उजागर होता रहा है।





