रायपुर। RAIPUR NEWS : राजधानी रायपुर के पंडरी इलाके में श्याम प्लाजा के पास यातायात थाना के ठीक सामने शाम करीब 7:40 मिनट पर एक तेज रफ्तार बोलेरो ने युवक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि युवक के दोनों पैर टूट गए और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के तुरंत बाद 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन करीब एक घंटे तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान घायल युवक सड़क पर दर्द से तड़पता रहा। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

हैरानी की बात यह है कि दुर्घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर के दायरे में दो बड़े अस्पताल मौजूद हैं, इसके बावजूद घायल को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते एंबुलेंस या अन्य आपातकालीन सहायता पहुंच जाती, तो घायल को जल्द उपचार मिल सकता था।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बोलेरो चालक को हिरासत में ले लिया। घायल युवक को एंबुलेंस के घंटों इंतजार करने के बाद में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घायल युवक श्याम प्लाजा का सिक्योरिटी गार्ड बताया जा रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का आरोप है कि 108 एंबुलेंस सेवा की देरी की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। कई बार हादसों में घायल लोगों को समय पर मदद नहीं मिल पाती, जिससे उनकी स्थिति और गंभीर हो जाती है और कुछ मामलों में जान भी चली जाती है।

लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन भले ही आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बताने का दावा करते हों, लेकिन जमीनी हकीकत कई बार इसके विपरीत नजर आती है। पंडरी की यह घटना भी आपातकालीन सेवाओं की तत्परता और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल छोड़ गई है। वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
बता दे कि आए दिन हादसे या किसी भी दुर्घटनाओं में 108 की लेटलतीफी देखने को मिलती है। लोग लगातार 108 पर कॉल कर के मदद की गुहार लगाते रहते है, लेकिन एंबुलेंस घंटों इंतजार के बाद घटनास्थल पर पहुंचती है। इसका उदाहरण आज फिर पंडरी इलाके में देखने को मिला, अब देखना यह होगा कि शासन प्रशासन अपनी 108 की सेवा को कितना दुरुस्त करता है।






