रायपुर। RAIPUR NEWS : राजधानी में मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सख्त रुख के बाद प्रशासन ने बड़ा बुलडोजर एक्शन करते हुए सेंट पॉल स्कूल परिसर में बने विवादित निर्माण को ध्वस्त कर दिया। लंबे समय से सामुदायिक भवन के नाम पर किए जा रहे निर्माण को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप लगाए जा रहे थे कि सामुदायिक भवन की आड़ में चर्च का निर्माण किया जा रहा है। शिकायतों और जांच के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए निर्माणाधीन ढांचे को जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की कानून और नियमों के प्रति सख्त प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। आमतौर पर सरल और सहज स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मामले में स्पष्ट संदेश दिया है कि नियमों के खिलाफ किसी भी तरह की गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार सेंट पॉल स्कूल परिसर में सामुदायिक भवन के निर्माण को लेकर लंबे समय से आपत्तियां दर्ज कराई जा रही थीं। हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया था कि सामुदायिक भवन के नाम पर चर्च निर्माण की तैयारी की जा रही है। शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख दिखाते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम को कार्रवाई के निर्देश दिये। निगम व जिला प्रशासन की जांच में स्कूल परिसर के अंदर निर्माणाधीन ढांचे में कई तरह की अनियमितता नजर आयी। जांच के दौरान भूमि और निर्माण संबंधी दस्तावेजों की समीक्षा की गई। बताया गया कि जिस भूमि पर निर्माण किया जा रहा था, उसकी लीज अवधि समाप्त हो चुकी थी। इसके बाद प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई का फैसला लिया।

पुलिस छावनी में बदला पूरा इलाका
मंगलवार सुबह प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। बुलडोजर और जेसीबी मशीनों की मदद से निर्माणाधीन ढांचे को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सेंट पॉल स्कूल के आसपास की सड़कों को बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया। मौके पर अपर कलेक्टर, एडीसीपी, नगर निगम और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात किए गए थे।
सरकार का स्पष्ट संदेश
इस कार्रवाई के जरिए राज्य सरकार ने साफ संकेत दिया है कि चाहे मामला कितना भी संवेदनशील क्यों न हो, नियमों और कानून के खिलाफ किसी भी प्रकार का निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रशासनिक सख्ती का यह बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस कार्रवाई की चर्चा है। लोगों का कहना है कि यह कदम कानून के शासन और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
विवाद की जड़ क्या थी?
सामुदायिक भवन के नाम पर किए जा रहे निर्माण को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे। हिंदू स्वाभिमान संगठन सहित कई संगठनों ने प्रशासन से शिकायत कर जांच की मांग की थी। आरोप ये भी था कि जिस जगह पर निर्माण कराया जा रहा है, उसका इस्तेमाल आने वाले समय में चर्च के रूप में किया जान है। शिकायतों के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और जांच के आधार पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई, जो मंगलवार को बुलडोजर एक्शन के रूप में सामने आई।





