गरियाबंद। CG NEWS: अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर गुरुवार को गरियाबंद स्थित शांति मैत्री विकास संस्थान नशा मुक्ति केंद्र में नशे के खिलाफ विशेष जागरूकता एवं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की DAWN (Drug Awareness and Wellness Navigation for a Drug Free India Scheme-2025) के तहत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के निर्देशन तथा तालुका विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में हुआ। शिविर का मार्गदर्शन तालुका विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश बी.आर. साहू तथा न्यायाधीश गंगा पटेल के नेतृत्व में किया गया।

शिविर में नशे की लत से जूझ रहे युवाओं को संबोधित करते हुए न्यायाधीश बी.आर. साहू ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों और आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशे की वजह से अपराध बढ़ते हैं, सामाजिक प्रतिष्ठा समाप्त होती है और जीवन बर्बादी की ओर बढ़ जाता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ और सकारात्मक जीवन अपनाने की अपील की।
उन्होंने मादक पदार्थों की अवैध तस्करी में शामिल लोगों को भी चेताते हुए कहा कि गैरकानूनी तरीके से अर्जित धन कभी स्थायी सुख नहीं देता। कानून के शिकंजे में आने पर व्यक्ति को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ जेल की सजा और सामाजिक अपमान का भी सामना करना पड़ता है।
शिविर के दौरान उपस्थित लोगों को एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act), छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम तथा मादक पदार्थों से जुड़े अन्य कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। साथ ही नशे के दुष्परिणामों और उससे बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम में शांति मैत्री विकास संस्थान के प्रबंधक, स्टाफ और अन्य सदस्य मौजूद रहे। सभी ने नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया।






