पाटन। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही बच्चों के शैक्षिक स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विकासखंड शिक्षा अधिकारी डालेंद्र कुमार देवांगन ने बीआरसी भवन के प्रशिक्षण हॉल में विकासखंड के शैक्षिक समन्वयकों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए शिक्षकों को कक्षावार लक्ष्य निर्धारित कर समय-सीमा में उसे पूरा करना होगा।
बीईओ देवांगन ने कहा कि कक्षा तीसरी से पांचवीं तक के सभी बच्चों में भाषायी दक्षता विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चे हिंदी और अंग्रेजी का धारा प्रवाह एवं समझ के साथ पठन करने में सक्षम हों तथा संख्यात्मक ज्ञान के तहत संख्याओं की पहचान, जोड़, घटाव, गुणा, भाग और 20 तक के पहाड़े सीख सकें।

इसी प्रकार कक्षा छठवीं से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी पठन क्षमता, गणितीय दक्षता और 25 तक के पहाड़ों का ज्ञान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि संकुल समन्वयक विद्यालयों के नियमित कक्षागत अवलोकन करें और शिक्षकों को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में आवश्यक सहयोग प्रदान करें। साथ ही विद्यालयों की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से विकासखंड कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए।
बैठक में स्कूल छोड़ने वाले बच्चों (ड्रॉप आउट) की संख्या शून्य करने पर भी विशेष जोर दिया गया। बीईओ ने शिक्षकों को पालकों से सतत संपर्क बनाए रखने, अनियमित विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा शाला त्यागी बच्चों को पुनः मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सक्रिय प्रयास करने के निर्देश दिए।
शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर भी कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने सभी शिक्षकों की उपस्थिति VSK एप में दर्ज कराने और अवकाश आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाने की जानकारी दी।
सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रदीप महिलांगे ने विद्यार्थियों के नियमित विषयगत मूल्यांकन और सीखने के स्तर की सतत समीक्षा करने पर बल दिया। वहीं सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी आकांक्षा अग्रवाल ने “ग्रीन समर कैंप” एवं “एक पेड़ मां के नाम 3.0” अभियान के तहत विद्यालयों में वृक्षारोपण कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
बैठक में विकासखंड स्रोत समन्वयक जी.पी. वर्मा ने पाठ्यपुस्तकों एवं गणवेश वितरण की समीक्षा करते हुए सभी विद्यालयों में शिक्षण स्तर सुधारने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने पर चर्चा की।
बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता, बच्चों की नियमित उपस्थिति और सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।





