पाटन। ग्राम पंचायत पतोरा की पूर्व सरपंच अंजिता गोपेश साहू ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 की पात्रता सूची में अपना नाम आने पर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कहा है कि उनका नाम सूची से हटाया जाए तथा योजना का लाभ उन गरीब और वास्तविक पात्र हितग्राहियों को दिया जाए, जिन्हें आज भी पक्के मकान की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं बेघर परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि किसी सक्षम व्यक्ति का नाम सूची में शामिल हो जाता है और वास्तविक जरूरतमंद परिवार वंचित रह जाते हैं, तो यह योजना की मूल भावना के विपरीत है।
अंजिता गोपेश साहू ने बताया कि जनपद पंचायत पाटन क्षेत्र में हजारों ऐसे पात्र हितग्राही हैं, जिनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 की सूची में शामिल नहीं हो पाया है। इनमें कई परिवार आज भी कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं तथा आर्थिक तंगी के कारण स्वयं का पक्का मकान बनाने में असमर्थ हैं।
उन्होंने शासन एवं प्रशासन से आग्रह किया कि उनका नाम सूची से हटाकर उन गरीब एवं पात्र परिवारों के नाम जोड़े जाएं, जो वास्तव में इस योजना के हकदार हैं। साथ ही उन्होंने मांग की कि छूटे हुए सभी पात्र हितग्राहियों का सर्वे कर शीघ्र सूची में शामिल किया जाए, ताकि कोई भी जरूरतमंद परिवार सरकारी आवास योजना के लाभ से वंचित न रहे।
पूर्व सरपंच अंजिता गोपेश साहू ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उनका दायित्व है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन इस विषय पर गंभीरता से विचार करेगा और वास्तविक पात्र हितग्राहियों को प्राथमिकता देते हुए न्यायसंगत निर्णय लेगा।





