- कांग्रेस-भाजपा के बीच चलता रहा राजनीतिक संघर्ष, 27 साल पुरुष तो 27 साल महिला नेतृत्व के नाम रहा अध्यक्ष पद
संदीप मिश्रा, प्रधान संपादक, News24Carate
पाटन। जनपद पंचायत पाटन ने अपने गठन के 54 वर्ष पूरे कर लिए हैं। पांच दशक से अधिक की इस यात्रा में पाटन जनपद पंचायत ने न केवल ग्रामीण विकास की इबारत लिखी, बल्कि स्थानीय राजनीति के बदलते रंग, सत्ता के समीकरण, राजनीतिक संघर्ष और प्रशासनिक बदलावों को भी करीब से देखा है। वर्ष 1972 में शुरू हुआ यह सफर आज वर्ष 2026 में एक ऐसे पड़ाव पर पहुंच गया है, जहां अध्यक्ष पद के इतिहास में पुरुष और महिला नेतृत्व का कार्यकाल 27-27 वर्ष के बराबर हो गया है।
अब वर्तमान में भाजपा समर्थित ग्राम बटंग निवासी श्रीमती कीर्ति नायक जनपद पंचायत अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उनके नेतृत्व में महिला अध्यक्षों का कार्यकाल पुरुष अध्यक्षों से आगे निकल जाएगा। यह पाटन जनपद के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
1972 में शुरू हुआ राजनीतिक सफर…..
जनपद पंचायत पाटन का कार्यकाल वर्ष 1972 में शुरू हुआ। पहले अध्यक्ष डे साहब बघेल बने, जिन्होंने 1972 से 1977 तक जनपद की कमान संभाली। इसके बाद कांग्रेस समर्थित नीलमणि भारद्वाज ने 31 नवंबर 1978 से 24 अप्रैल 1981 तक अध्यक्ष पद संभाला।
वर्ष 1984 से 1990 तक कांग्रेस के बलदाऊ प्रसाद चंद्राकर ने जनपद पंचायत की जिम्मेदारी निभाई।
इसके बाद वर्ष 1990 से 1994 तक करीब चार वर्षों तक निर्वाचित नेतृत्व नहीं रहा और जनपद पंचायत में प्रशासकीय व्यवस्था रही। इस दौरान पी.एल. वर्मा, व्ही.एन. दुबे और जी.एस. पवार ने अलग-अलग अवधि में प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
1994 के बाद फिर बदले राजनीतिक समीकरण
चार वर्ष के प्रशासकीय शासन के बाद वर्ष 1994 में राजनीतिक गतिविधियां फिर तेज हुईं। भाजपा के कैलाश चंद्र शर्मा अध्यक्ष निर्वाचित हुए। उनका कार्यकाल 25 जुलाई 1994 से 9 मई 1997 तक रहा।
इसके बाद कांग्रेस के शंकर बघेल प्रभारी अध्यक्ष बने। वहीं 8 अक्टूबर 1997 से 28 फरवरी 2000 तक कांग्रेस के फकीर सिंह वर्मा ने अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली।
साल 2000 के बाद महिला नेतृत्व का दौर
वर्ष 2000 के बाद पाटन जनपद पंचायत की राजनीति में एक बड़ा परिवर्तन आया और अध्यक्ष पद पर महिला नेतृत्व का दौर शुरू हुआ।
कांग्रेस की मीना ठाकुर 29 फरवरी 2000 से 17 फरवरी 2004 तक अध्यक्ष रहीं। इसके बाद कांग्रेस की कौशल्या महिलवार ने 18 फरवरी 2004 से 17 फरवरी 2010 तक लगातार छह वर्षों तक जनपद पंचायत का नेतृत्व किया।
इसके बाद रामबाई सिन्हा ने 28 फरवरी 2010 से 17 दिसंबर 2015 तक अध्यक्ष पद संभाला। वहीं भाजपा की हर्षा चंद्राकर ने वर्ष 2015 से 2020 तक जनपद पंचायत का नेतृत्व किया।
रामबाई सिन्हा ने वर्ष 2020 से 2025 तक दूसरी बार अध्यक्ष पद संभाला।
वर्तमान कार्यकाल में राजनीतिक गुणा-भाग और समर्थन के समीकरणों के बाद भाजपा समर्थित श्रीमती कीर्ति नायक अध्यक्ष निर्वाचित हुई हैं। वहीं ग्राम बोरेन्दा निवासी कमलेश वर्मा उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं।
27 साल पुरुष, 27 साल महिला नेतृत्व
पाटन जनपद पंचायत के 54 वर्षों के इतिहास पर नजर डालें तो वर्ष 1972 से 2000 तक लगभग 27 वर्षों का अध्यक्षीय नेतृत्व पुरुषों के हाथों में रहा, जबकि वर्ष 2000 से अब तक लगभग 27 वर्षों का कार्यकाल महिला अध्यक्षों के नाम रहा है।
इस लिहाज से वर्ष 2026 पाटन जनपद पंचायत के इतिहास में खास है। वर्तमान अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक का कार्यकाल आगे बढ़ते ही महिला नेतृत्व का कुल समय पुरुष नेतृत्व से अधिक हो जाएगा।
यह बदलाव केवल आंकड़ों का फेरबदल नहीं, बल्कि ग्रामीण राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता का भी प्रतीक माना जा सकता है।
54 वर्षों की प्रशासनिक यात्रा भी रही गौरवशाली
पाटन जनपद पंचायत की कहानी केवल अध्यक्षों के राजनीतिक इतिहास तक सीमित नहीं है। इसके समानांतर प्रशासनिक स्तर पर भी अधिकारियों और कर्मचारियों ने दशकों तक अपनी सेवाएं देकर जनपद के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यालय में प्रदर्शित अभिलेखों के अनुसार, 1 जुलाई 1972 को श्री एस.एस. बांधे ने विकासखंड अधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला था। इसके बाद समय-समय पर अनेक अधिकारियों ने जनपद पंचायत की प्रशासनिक व्यवस्था को संभाला।
इनमें सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले (आईएएस), सुश्री अंकिता सोम, सुश्री प्रिया गोयल, श्री मनीष साहू तथा श्री मुकेश कुमार कोठारी जैसे अधिकारियों ने भी मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में सेवाएं दीं।
कार्यालयीन अभिलेखों के अनुसार करीब 54 वर्षों की प्रशासनिक यात्रा में 38 अधिकारियों ने अलग-अलग अवधि में जनपद पंचायत पाटन का नेतृत्व किया।
वर्तमान में श्री जागेन्द्र साहू ने 27 नवंबर 2024 से मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में कार्य किया। उनके तबादले के बाद वर्तमान में विकास विस्तार अधिकारी महेंद्र जांगड़े प्रभारी सीईओ के रूप में पंचायत क्षेत्र के विकास कार्यों का संचालन कर रहे हैं।
इन अधिकारियों के कार्यकाल में ग्रामीण विकास, सड़क एवं आधारभूत संरचना, पंचायत प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण कार्य हुए।
कर्मचारियों ने भी दिया लंबा योगदान
पाटन जनपद पंचायत के इतिहास में अधिकारियों के साथ-साथ कर्मचारियों का योगदान भी उल्लेखनीय रहा है।
सहायक ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत नंदलाल साहू ने जनपद पंचायत में करीब 34 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं। इसी प्रकार लेखापाल दिनेश मिश्रा ने अपने पिता के बाद मिली नौकरी के माध्यम से करीब 32 वर्षों तक जनपद पंचायत की सेवा की और सेवानिवृत्त हुए।
इन कर्मचारियों की लंबी सेवाएं इस बात की गवाह हैं कि किसी संस्था का इतिहास केवल उसके निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से नहीं बनता, बल्कि वर्षों तक पूरी निष्ठा से काम करने वाले कर्मचारियों का भी उसमें उतना ही महत्वपूर्ण योगदान होता है।
नए भवन के निर्माण में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का योगदान
पाटन जनपद पंचायत को आज जो बड़ा और आधुनिक भवन मिला है, उसके निर्माण में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पाटन विधानसभा क्षेत्र के विधायक भूपेश बघेल के प्रयासों और पहल का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके कार्यकाल के दौरान पाटन क्षेत्र में शासकीय संस्थानों के अधोसंरचना विकास को गति मिली, जिसके तहत जनपद पंचायत के लिए नए भवन का निर्माण भी संभव हुआ।
आज यह भवन जनपद पंचायत की बढ़ती प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। भवन में विभिन्न विभागों के लिए अलग-अलग कक्ष उपलब्ध हैं, जिससे जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों को बेहतर प्रशासनिक सुविधा मिल रही है।
54 वर्षों के सफर में यह नया भवन पाटन जनपद पंचायत की बदलती तस्वीर और विकास की नई सोच का प्रतीक बनकर सामने आया है।
राजनीति से प्रशासन तक, 54 वर्षों की कहानी
पाटन जनपद पंचायत का इतिहास दरअसल क्षेत्र के सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक बदलावों का आईना है। कभी कांग्रेस का दबदबा रहा तो कभी भाजपा ने सत्ता संभाली। कहीं प्रशासकीय व्यवस्था ने जगह ली तो कहीं राजनीतिक जोड़-तोड़ ने नए समीकरण बनाए। वहीं वर्ष 2000 के बाद महिला नेतृत्व ने लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
आज जब पाटन जनपद पंचायत अपने 54 वर्ष पूरे कर चुकी है, तब इतिहास का एक दिलचस्प आंकड़ा सामने है—27 साल पुरुष नेतृत्व और 27 साल महिला नेतृत्व। अब श्रीमती कीर्ति नायक के नेतृत्व में यह संतुलन बदलने जा रहा है और महिला नेतृत्व का पलड़ा आगे निकल जाएगा।
पाटन जनपद की यह 54 वर्षों की यात्रा केवल सत्ता परिवर्तन की कहानी नहीं, बल्कि गांवों के विकास, प्रशासनिक बदलाव और बदलती ग्रामीण राजनीति की पूरी तस्वीर है।







