गरियाबंद। ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत गरियाबंद पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 151 किलो गांजा के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जब्त गांजे की कीमत करीब 75 लाख 50 हजार रुपये बताई है। तस्करी में इस्तेमाल मेटाडोर को भी पुलिस ने जब्त किया है।
पुलिस के अनुसार, 19 अगस्त 2026 को देवभोग थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक मेटाडोर में गांजा भरकर देवभोग की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर खुटगांव अंतरराज्यीय पुलिस चेक पोस्ट पर पुलिस जवानों ने संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की।

इसी दौरान संदिग्ध मेटाडोर को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी मिली—मेटाडोर के 6 टायरों के अंदर गांजा छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने कुल 151 किलो गांजा बरामद किया।
मौके से पुलिस ने रोहित पांडेय (35), निवासी छतरपुर, मध्यप्रदेश और रमेश नायक (52), निवासी कालाहांडी, ओडिशा को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से गांजे के अलावा करीब 20 लाख 25 हजार रुपये कीमत का मेटाडोर वाहन क्रमांक CG 07 AY 3587 भी जब्त किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS Act की धारा 20(b)(ii)(C) और 27A के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया है।
8 महीने में 5.17 करोड़ का गांजा जब्त
गरियाबंद पुलिस के अनुसार ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत पिछले 8 महीनों में नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई है। इस दौरान 44 मामले दर्ज कर 86 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक इस अवधि में कुल 10 क्विंटल 80 किलो यानी 1,080 किलो गांजा जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 5 करोड़ 17 लाख रुपये बताई गई है। इसके साथ ही गांजा तस्करी में इस्तेमाल 32 वाहन—18 दोपहिया और 14 चारपहिया वाहन—जब्त किए गए हैं।
गरियाबंद जिला कई राज्यों की सीमाओं से जुड़ा होने के कारण तस्कर अंतरराज्यीय मार्गों का इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं। पुलिस का कहना है कि सक्रिय मुखबिर तंत्र और चेक पोस्ट पर लगातार निगरानी के चलते तस्करों के नेटवर्क पर कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। आज की कार्रवाई में सराहनीय भूमिका निभाने वाली देवभोग थाना प्रभारी और उनकी टीम को सम्मानित किया जाएगा।









