नई दिल्ली। Samvidhan Hatya Diwas 2026: देशभर में आज 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ (Samvidhan Hatya Diwas) मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल (Emergency) को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले दौरों में से एक बताते हुए उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने उस समय लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष किया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि “आज हम उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने भारत के इतिहास के सबसे अंधकारमय अध्यायों में से एक, यानी आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती से रक्षा की।” उन्होंने कहा कि आपातकाल हमारे संविधान पर सीधा हमला था, जिसमें नागरिक स्वतंत्रताओं को निलंबित कर दिया गया, अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रतिबंध लगाए गए और राजनीतिक नेताओं, पत्रकारों व सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि इस कठिन दौर ने उन लाखों भारतीयों के साहस को भी सामने लाया, जिन्होंने चुप रहने से इनकार किया और संविधान के आदर्शों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं, अधिकारों और कर्तव्यों का प्रतीक है और देश संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी देशभर में ‘संविधान हत्या दिवस’ के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है। अलग-अलग राज्यों में संगोष्ठियां, श्रद्धांजलि कार्यक्रम और जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। बीजेपी नेताओं का कहना है कि 25 जून 1975 को लागू किया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का एक काला अध्याय था, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक याद रखा जाना चाहिए।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2024 में घोषणा की थी कि हर वर्ष 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा, ताकि आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों पर पड़े प्रभाव को याद रखा जा सके।






