रायपुर। RAIPUR BREAKING : राजधानी से लगे सिमगा तहसील के हथबंद गांव में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया। स्वामी आत्मानंद स्कूल के मुख्य गेट के पास खेल रहे 7 वर्षीय मासूम शिवम यादव की उस वक्त जान चली गई, जब जर्जर लोहे का भारी गेट अचानक उसके ऊपर गिर गया। हादसे के बाद परिवार में मातम और गांव में शोक का माहौल है।
रिश्तेदारों के घर आया था शिवम
मृतक की पहचान शिवम यादव, पिता नन्हीं यादव, निवासी रतनपुर, बिलासपुर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शिवम अपने रिश्तेदारों के यहां हथबंद आया हुआ था। शनिवार को वह स्कूल के मुख्य गेट के आसपास खेल रहा था। इसी दौरान कमजोर पिलर से जुड़ा लोहे का गेट अचानक टूटकर उसके ऊपर जा गिरा।

गेट के नीचे दबा मासूम, नहीं बच सकी जान
गेट गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह बच्चे को बाहर निकाला और उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों ने पहले भी उठाया था गेट की हालत पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल का मुख्य गेट और उसका पिलर लंबे समय से जर्जर हालत में था। ग्रामीणों के मुताबिक, कई बार इसकी मरम्मत कराने की मांग भी की गई थी। उनका आरोप है कि समय रहते गेट की मरम्मत या उसे हटाने की कार्रवाई नहीं की गई, जिसका खामियाजा अब एक मासूम को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा।
हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद सरकारी स्कूल परिसर में सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने मामले की जांच कराने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही सार्वजनिक स्थानों और स्कूल परिसरों में जर्जर गेट, दीवारों व अन्य निर्माणों की नियमित जांच कराने की मांग भी उठाई है।
इस हादसे ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—अगर जर्जर गेट की समय रहते मरम्मत या सुरक्षा जांच हो जाती, तो क्या आज शिवम अपने परिवार के बीच होता?






