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PM मोदी का BRICS में बड़ा संदेश: ‘दुनिया की आवाज

By NS
On: September 12, 2026 10:59 AM
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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक व्यवस्था में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि BRICS किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सहयोग, विकास और वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करना है। प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) समेत वैश्विक संस्थानों में सुधार को समय की जरूरत बताया।

BRICS किसी के खिलाफ नहीं

BRICS शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि यह समूह किसी देश या गुट के खिलाफ नहीं है। भारत BRICS को सहयोग और वैश्विक विकास के मंच के रूप में देखता है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने वैश्विक दक्षिण की भूमिका को और मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि दुनिया में फैसले लेने की मौजूदा व्यवस्था में सुधार जरूरी है। प्रधानमंत्री ने वैश्विक संस्थानों को आज की वास्तविकताओं के अनुरूप बनाने की पैरवी की।

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UNSC सुधार अब टालना मुश्किल

पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग को एक बार फिर मजबूती से उठाया। उन्होंने कहा कि UNSC में सुधार को अब और टाला नहीं जा सकता। भारत लंबे समय से सुरक्षा परिषद के विस्तार और उसमें विकासशील देशों को अधिक प्रतिनिधित्व देने की मांग करता रहा है। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब BRICS देश वैश्विक शासन व्यवस्था में अधिक प्रतिनिधित्व और संतुलन की मांग को लेकर साझा रुख बनाने की कोशिश कर रहे हैं। BRICS की प्रस्तावित दिल्ली घोषणा में भी वैश्विक संस्थानों में व्यापक सुधार और अधिक समान प्रतिनिधित्व पर जोर दिए जाने की उम्मीद है।

ग्लोबल साउथ सिर्फ दर्शक नहीं, नियम बनाने वाला बने

पीएम मोदी ने ग्लोबल साउथ की भूमिका को लेकर भी बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिन देशों पर वैश्विक फैसलों का सबसे ज्यादा असर पड़ता है, उनकी उन फैसलों को बनाने में भी प्रभावी भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने मौजूदा वैश्विक व्यवस्था को ऐसी संरचना बताया, जिसमें निर्णय लेने की शक्ति कुछ देशों के हाथों में अधिक केंद्रित है।

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BRICS का बढ़ता प्रभाव

BRICS का विस्तार होने के बाद यह समूह वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीति में पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। इस समय BRICS में 11 सदस्य देश हैं और समूह दुनिया की करीब आधी आबादी तथा लगभग 40 प्रतिशत वैश्विक GDP का प्रतिनिधित्व करता है। दिल्ली में हो रहे सम्मेलन में व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीक, वैश्विक संघर्षों और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दे प्रमुख एजेंडे में हैं।

भारत का फोकस—सहयोग और सुधार

भारत की अध्यक्षता में हो रहे इस BRICS सम्मेलन में नई दिल्ली वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और वैश्विक संस्थाओं में सुधार की दिशा में साझा सहमति बनाने पर जोर दे रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ पीएम मोदी की बैठक में भी बहुपक्षीय संस्थानों और UNSC में सुधार की जरूरत पर चर्चा हुई थी।



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