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Multiple Marriage: सरकार का बड़ा फैसला: एक से ज्यादा शादी

By NS
On: July 10, 2026 3:59 PM
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गुवाहाटी। Multiple Marriage: असम सरकार ने राज्य के बजट 2026-27 में एक बड़ा और सख्त प्रस्ताव पेश किया है। सरकार ने बहुविवाह (एक से अधिक शादी) करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए प्रस्ताव रखा है कि ऐसे व्यक्तियों को राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। वहीं, यदि कोई सरकारी कर्मचारी बहुविवाह का दोषी पाया जाता है, तो उसे सरकारी सेवा से बर्खास्त भी किया जा सकेगा।

शुक्रवार को अपना पहला बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री जयंता मल्ला बरुआ ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना ही नहीं, बल्कि समाज में ईमानदारी, जिम्मेदार नागरिकता, महिलाओं के सम्मान और नैतिक मूल्यों को भी बढ़ावा देना है।

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महिलाओं के सशक्तीकरण पर जोर

वित्त मंत्री ने विधानसभा में कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण और लैंगिक न्याय को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। प्रस्ताव के अनुसार, बहुविवाह करने वाला कोई भी पुरुष राज्य सरकार की किसी भी अधिसूचित कल्याणकारी योजना का लाभ लेने का पात्र नहीं होगा।

सरकारी कर्मचारियों पर भी होगी सख्त कार्रवाई

बजट में असम सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1964 में संशोधन का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसके तहत यदि कोई सरकारी कर्मचारी बहुविवाह का दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उसे सरकारी सेवा से बर्खास्त किया जा सकेगा।

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आपराधिक मामलों में दोषियों पर भी सख्ती

वित्त मंत्री जयंता मल्ला बरुआ ने यह भी प्रस्ताव रखा कि किसी भी आपराधिक कानून के तहत दोषी ठहराए गए व्यक्ति को राज्य सरकार की अधिसूचित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा। उनका कहना है कि यह कदम जिम्मेदार नागरिकता और कानून के प्रति सम्मान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

अगस्त से फिर शुरू होंगी कल्याणकारी योजनाएं

सरकार ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया के कारण नियमित बजट समय पर पेश नहीं हो सका था, जिससे कई कल्याणकारी योजनाओं का संचालन प्रभावित हुआ। अब सरकार अगस्त 2026 से इन योजनाओं को दोबारा शुरू करेगी।

6,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान

वित्त मंत्री ने बजट में विभिन्न लाभार्थी-केंद्रित योजनाओं के लिए 6,000 करोड़ रुपये से अधिक के आवंटन का प्रस्ताव रखा है। सरकार का कहना है कि सभी योजनाओं का संचालन एकीकृत डिजिटल लाभार्थी प्रणाली (Integrated Digital Beneficiary System) के माध्यम से किया जाएगा। इसमें आधार आधारित प्रमाणीकरण और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) की व्यवस्था होगी, जिससे पात्र लाभार्थियों तक सहायता सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।

यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो असम बहुविवाह और सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर इस तरह का सख्त कदम उठाने वाले राज्यों में शामिल हो जाएगा।



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