--विज्ञापन यहां--

E-Bus Revolution: मोतीलाल ओसवाल ऑल्टरनेट्स का JBM इकोलाइफ में ₹750 करोड़ का बड़ा दांव, सड़कों पर दौड़ेंगी 5000 इलेक्ट्रिक बसें

On: June 20, 2026 4:04 PM
हमें फॉलो करें:
--विज्ञापन यहां--

नई दिल्ली: भारत के सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह ग्रीन और क्लीन बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा वित्तीय निवेश सामने आया है। दिग्गज निवेश फर्म मोतीलाल ओसवाल ऑल्टरनेट्स (MO Alts) ने अपने प्राइवेट क्रेडिट फंड के जरिए JBM इकोलाइफ मोबिलिटी में ₹750 करोड़ के निवेश E-Bus Revolution का आधिकारिक ऐलान किया है।

इसे भारतीय घरेलू निवेशकों द्वारा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (EV) सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा और गेम-चेंजर निवेश माना जा रहा है।

सड़कों पर उतरेंगी 5000+ ई-बसे: क्या है पूरा प्लान?

JBM इकोलाइफ (जो जेबीएम ग्रुप का एक प्रमुख इलेक्ट्रिक बस प्लेटफॉर्म है) इस भारी-भरकम फंड का इस्तेमाल अपने बिजनेस एक्सपेंशन और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए करेगी:

  • नेटवर्क का विस्तार: इस राशि से नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद, ऑपरेशन और विभिन्न राज्यों के परिवहन विभागों (STUs) के साथ मिलकर चरणबद्ध तरीके से तैनाती की जाएगी।
  • बड़ा टारगेट (FY26-27): वर्तमान में देश की सड़कों पर JBM की लगभग 3,400 इलेक्ट्रिक बसें दौड़ रही हैं। कंपनी का लक्ष्य अगले 12 महीनों में इस आंकड़े को बढ़ाकर 5,000 बसों तक पहुंचाने का है।
  • नेट-जीरो विज़न: यह कदम भारत सरकार के कार्बन उत्सर्जन को कम करने और पारंपरिक डीजल बसों पर निर्भरता घटाने के दीर्घकालिक विज़न से सीधा जुड़ा है।

“अगले ग्रोथ फेज के लिए तैयार” — निशांत आर्य

साझेदारी पर खुशी जताते हुए JBM ऑटो के वाइस चेयरमैन और एमडी निशांत आर्य ने कहा:

“यह निवेश हमारी कंपनी को अगले ग्रोथ स्टेज पर ले जाएगा। वित्त वर्ष 2026 (FY26) में हमने मार्केट में अपनी मजबूत स्थिति बनाई है। अब इस फंड की मदद से हम अलग-अलग राज्यों में ई-बसों की तैनाती की रफ्तार को दोगुना करेंगे।”

विश्लेषकों की नज़र: मोतीलाल ओसवाल ने JBM को क्यों चुना?

मोतीलाल ओसवाल ऑल्टरनेट्स के अनुसार, भारत में सस्टेनेबिलिटी (टिकाऊ विकास) और ग्रीन मोबिलिटी में निवेश के बेहतरीन मौके हैं। JBM में निवेश के पीछे मुख्य रूप से 3 बड़े कारण हैं:

  1. मजबूत मार्केट शेयर: JBM के पास बेहतरीन प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और बड़ा नेटवर्क है।
  2. लॉन्ग-टर्म एग्रीमेंट्स: विभिन्न राज्यों के साथ कंपनी के दीर्घकालिक अनुबंध (Contracts) हैं, जिससे बिजनेस में एक स्थिर कैश-फ्लो (कमाई) बनी रहती है।
  3. सरकारी नीतियां: सरकार का पूरा फोकस इस समय पब्लिक ट्रांसपोर्ट को इलेक्ट्रिक करने पर है, जो कंपनी को सीधा सपोर्ट देता है।

विकल्प 2: क्रिस्प और सोशल मीडिया फ्रेंडली (LinkedIn/X/Telegram के लिए)

बड़ी खबर: भारत के EV सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा घरेलू निवेश!

ग्रीन मोबिलिटी के क्षेत्र में बड़ा धमाका करते हुए मोतीलाल ओसवाल ऑल्टरनेट्स ने JBM इकोलाइफ मोबिलिटी में ₹750 करोड़ निवेश करने की घोषणा की है।

मुख्य बातें जो आपको जाननी चाहिए:

  • मिशन 5,000 ई-बसें: अभी देश में 3,400 JBM इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं, जिन्हें अगले 1 साल में 5,000 तक पहुंचाया जाएगा।
  • फंड का इस्तेमाल: अलग-अलग राज्यों के सरकारी परिवहन प्राधिकरणों के साथ मिलकर नई बसों की खरीद और इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने में होगा।
  • जीरो-इमिशन: इस कदम से शहरों में न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि डीजल पर निर्भरता भी घटेगी।

JBM ऑटो के वाइस चेयरमैन निशांत आर्य के मुताबिक, यह निवेश भारत के पब्लिक ट्रांसपोर्ट के आधुनिकीकरण को एक नई रफ्तार देगा और FY26 की सफलता के बाद कंपनी को एक नए स्तर पर ले जाएगा।

व्हाट्सएप से जुड़ें

अभी जुड़ें

इंस्टाग्राम से जुड़ें

अभी जुड़ें

Leave a Comment