खैरागढ़। CG NEWS : नगर में बीते दो दिनों से हो रही झमाझम बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को भी बारिश ने सुकून दिया है। लेकिन इसी बारिश ने शहर की सड़कों की बदहाली और बारिश से पहले सड़क के गड्ढे भरने तथा जर्जर मार्गों की मरम्मत के प्रशासनिक दावों की पोल भी खोल दी है। शहर की कई सड़कों पर जलभराव के साथ बड़े-बड़े गड्ढे लोगों के लिए परेशानी और दुर्घटना का कारण बन गए हैं।


सबसे खराब स्थिति इतवारी बाजार की है, जहां थोड़ी सी बारिश होते ही सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे बारिश के पानी में पूरी तरह डूब जाते हैं और दिखाई तक नहीं देते। विडंबना यह है कि इसी मार्ग से कलेक्टर से लेकर तमाम प्रशासनिक अधिकारी और विधायक सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि लगातार आवाजाही करते हैं। इसके बावजूद सड़क की बदहाली और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शायद लक्जरी गाड़ियों में सफर करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इन गड्ढों का एहसास ही नहीं होता। महंगी और आरामदायक गाड़ियों में बैठकर गुजरने पर सड़क की वास्तविक स्थिति का दर्द महसूस नहीं होता होगा। परेशानी तो उन आम लोगों की है, जिन्हें दोपहिया वाहन, साइकिल या पैदल इसी सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या आम जनता को हो रही परेशानी से जिम्मेदारों को कोई फर्क नहीं पड़ता?
चारपहिया वाहन गुजरते ही सड़क पर जमा गंदा पानी और कीचड़ आसपास से गुजर रहे बाइक व साइकिल सवारों तथा पैदल राहगीरों पर पड़ता है। लोगों के साफ-सुथरे कपड़े कीचड़ से खराब हो जाते हैं। स्कूली बच्चों की परेशानी और ज्यादा है, क्योंकि कई बच्चे पैदल और साइकिल से इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं। वाहनों के गुजरने पर पानी के छींटों से उनके कपड़े खराब हो जाते हैं। यही वजह है कि कई पैदल और साइकिल सवार अपना रास्ता बदलकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।
समस्या केवल इतवारी बाजार तक सीमित नहीं है। इतवारी बाजार से पुराने बस स्टैंड तक सड़क की स्थिति भी बदहाल है। दाऊचौरा पुल पर भी जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश का पानी भर जाने से ये गड्ढे दिखाई नहीं देते और दोपहिया वाहन चालक अचानक उनमें फंसकर गिर रहे हैं। इससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई साइकिल और दोपहिया वाहन चालक इन गड्ढों में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं।
हर साल मरम्मत, फिर बारिश में वही हाल
इतवारी बाजार में जलभराव की समस्या कोई नई नहीं है। हर साल बारिश के मौसम में यहां सड़क पर पानी जमा होता है। जलभराव के कारण सड़क पर बिछा डामर उखड़ जाता है और गड्ढे बन जाते हैं। बारिश का मौसम खत्म होने के बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा दोबारा डामर डालकर सड़क की मरम्मत कराई जाती है, लेकिन अगली बारिश आते ही फिर वही स्थिति निर्मित हो जाती है।
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर हर साल अस्थायी मरम्मत के बजाय जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं किया जा रहा है? जब यह समस्या हर साल सामने आती है तो जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था कराकर सड़क को बार-बार टूटने से बचाने की दिशा में स्थायी पहल क्यों नहीं होती?
चुनाव या मंत्री दौरे का इंतजार?
सड़कों की बदहाली को लेकर लोगों में नाराजगी का एक बड़ा कारण यह भी है कि आम दिनों में गड्ढों की समस्या पर जिम्मेदार विभागों की सक्रियता नजर नहीं आती। लोगों का तंज है कि शायद सड़क की मरम्मत तब होगी, जब चुनाव सिर पर होंगे या किसी बड़े मंत्री अथवा वीआईपी का दौरा प्रस्तावित होगा और उससे पहले आनन-फानन में सड़क को दुरुस्त किया जाएगा।
लोगों का सवाल सीधा है—सड़क आम जनता के लिए है या फिर चुनाव और वीआईपी दौरे के समय ही इसकी सुध ली जाएगी? यदि अधिकारी और जनप्रतिनिधि इसी मार्ग से रोज गुजरते हैं तो फिर उन्हें सड़क की बदहाली दिखाई क्यों नहीं देती?
सोशल मीडिया पर लोगों का आक्रोश
फिलहाल खैरागढ़ की जनता सड़कों पर हुए गड्ढों और जलभराव को लेकर आक्रोशित है। लोग सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें साझा कर प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों को शहर की बदहाल सड़कों का आईना दिखा रहे हैं। बारिश ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शहर की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के दावे आखिर कब धरातल पर उतरेंगे।
अब निगाह इस बात पर है कि प्रशासन और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि लोगों की इस परेशानी को कितनी गंभीरता से लेते हैं। क्या इस बार इतवारी बाजार के जलभराव का स्थायी समाधान होगा, दाऊचौरा पुल के गड्ढे भरे जाएंगे और खैरागढ़ की सड़कों को वास्तव में गड्ढामुक्त किया जाएगा—या फिर बारिश खत्म होने के साथ यह समस्या भी अगले साल की बारिश तक भुला दी जाएगी?







