रायपुर/श्रीनगर। CG NEWS: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादियों ने एक बार फिर बेहद कायराना वारदात को अंजाम दिया है। आतंकियों ने पहले छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों से बातचीत की, उनकी धार्मिक पहचान पूछी और फिर उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल दोनों मजदूरों की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना ने कुछ महीने पहले हुए पहलगाम आतंकी हमले की दर्दनाक यादें ताजा कर दी हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, कुलगाम जिले में काम कर रहे छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों को अज्ञात बंदूकधारियों ने निशाना बनाया। प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, हमलावर करीब 10 मिनट तक दोनों से बातचीत करते रहे। इसके बाद उनकी पहचान पूछी गई और हिंदू होने की पुष्टि होने पर उन पर गोलियां बरसा दी गईं।

हमले में गंभीर रूप से घायल दीपक की अस्पताल पहुंचते ही मौत हो गई, जबकि दूसरे मजदूर भूपेंद्र को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जीएमसी अनंतनाग रेफर किया गया। हालांकि डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसने भी दम तोड़ दिया।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की कड़ी निंदा
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे बेहद कायराना और अमानवीय कृत्य बताया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आतंकवादी करीब 10 मिनट तक मजदूरों से बातचीत करते रहे और फिर अचानक गोलियां चला दीं।
उन्होंने कहा, “ये वही अलगाववादी और आतंकी तत्व हैं, जिनके खिलाफ हमारी सरकार लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। आने वाले समय में ऐसे आतंकियों को खोज-खोजकर खत्म किया जाएगा। इस पर किसी तरह का कोई संशय नहीं है।”
लश्कर-ए-तैयबा ने ली जिम्मेदारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने ली है। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने पहले दोनों मजदूरों की धार्मिक पहचान की और उसके बाद उन्हें निशाना बनाया। इस घटना ने घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन जारी
घटना की सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और आतंकियों की तलाश में युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां हमले से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं।
इस आतंकी हमले के बाद छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में शोक और आक्रोश का माहौल है। निर्दोष मजदूरों की हत्या ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है।






