बिलासपुर। CG NEWS : शिक्षा विभाग में मेडिकल प्रतिपूर्ति के नाम पर सरकारी राशि हड़पने का बड़ा मामला सामने आया है। विभागीय जांच में एक एलबी शिक्षक पर कूटरचित दस्तावेजों और फर्जी मेडिकल बिलों के जरिए पहले करीब 9 लाख रुपये का गबन करने और फिर लगभग 30 लाख रुपये के अतिरिक्त क्लेम की साजिश रचने का खुलासा हुआ है। जांच में स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित बिल, स्टांप और हस्ताक्षरों को पूरी तरह फर्जी बताया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली पुलिस के अनुसार विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ बाबू सौरभ मजुमदार की शिकायत पर एलबी शिक्षक साधेलाल पटेल के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। आरोप है कि वर्ष 2022 से 2024 के बीच आरोपी ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर करीब 9 लाख रुपये का मेडिकल क्लेम हासिल कर लिया, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचा। विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने तीन से चार और मेडिकल क्लेम तैयार कर अतिरिक्त राशि निकालने की कोशिश की थी, लेकिन समय रहते भुगतान रोक दिया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।
मामले की विस्तृत जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने मेडिकल बिलों में काटछांट और एडिटिंग कर राशि बढ़ाई, जबकि जिन तिथियों में स्वयं को बीमार बताकर इलाज कराने का दावा किया गया, उन दिनों वह नियमित रूप से ड्यूटी पर मौजूद था। इतना ही नहीं, आरोपी ने अपनी पत्नी, एक जीवित साले और एक मृत साले के नाम पर भी फर्जी मेडिकल बिल तैयार कर लगभग 30 लाख रुपये का क्लेम लेने की साजिश रची। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि संबंधित बिल, स्टांप और हस्ताक्षर विभाग की ओर से कभी जारी ही नहीं किए गए थे। दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद क्लेम निरस्त कर एफआईआर की अनुशंसा की गई, जिसके बाद अब पूरे मामले की पुलिस जांच जारी है।








