रायपुर। CG NEWS: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत बनाने और निवेश बढ़ाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध (लिस्टिंग) करने की मंजूरी दी गई है।
इस फैसले के तहत CSPGCL 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)/बॉन्ड जारी कर पूंजी जुटाएगी। राज्य सरकार मूलधन और ब्याज के भुगतान पर गारंटी देगी तथा प्रत्याभूति शुल्क में भी छूट प्रदान करेगी। इससे कंपनी को नए वित्तीय संसाधन मिलेंगे और बिजली उत्पादन व ऊर्जा अवसंरचना के विकास को गति मिलेगी।

2,960 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता
CSPGCL वर्तमान में राज्य में चार तापीय और एक जलविद्युत परियोजना के माध्यम से कुल 2,960 मेगावाट बिजली उत्पादन करती है।
तापीय बिजली उत्पादन: 2,840 मेगावाट
जलविद्युत उत्पादन: 120 मेगावाट
राज्य की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता लगभग 26,400 मेगावाट है, जिसमें CSPGCL की हिस्सेदारी करीब 11 प्रतिशत है। शेष उत्पादन क्षमता NTPC और निजी बिजली कंपनियों जैसे जिंदल, अडानी और BALCO के पास है।
CSPGCL के प्रमुख बिजली संयंत्र
हसदेव ताप विद्युत गृह, कोरबा – 840 मेगावाट
कोरबा वेस्ट ताप विद्युत गृह – 500 मेगावाट
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह, कोरबा – 500 मेगावाट
अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत गृह, मड़वा – 1,000 मेगावाट
मिनीमाता हसदेव बांगो जलविद्युत परियोजना – 120 मेगावाट
नई परियोजनाओं पर होगा बड़ा निवेश
वित्त वर्ष 2026-27 से 2029-30 के पूंजी निवेश योजना के तहत कंपनी हसदेव ताप विद्युत गृह, कोरबा में 2×660 मेगावाट (कुल 1,320 मेगावाट) की नई सुपरक्रिटिकल इकाइयों की स्थापना की तैयारी कर रही है। परियोजना फिलहाल पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया में है।
इसके अलावा सभी प्रमुख ताप विद्युत संयंत्रों में FGD (Flue Gas Desulphurization) प्रणाली लगाई जाएगी, जिससे सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) उत्सर्जन नए पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप हो सके। पुराने संयंत्रों के आधुनिकीकरण, उनकी दक्षता बढ़ाने और संचालन अवधि बढ़ाने के लिए भी निवेश किया जाएगा। साथ ही राज्य सरकार की नीति के अनुरूप सौर ऊर्जा परियोजनाओं का भी विस्तार किया जाएगा।








