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CG NEWS: गोहड़ारी नदी का पुल क्षतिग्रस्त, 88 हजार लोगों की

By NS
On: August 30, 2026 12:24 PM
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एमसीबी। CG NEWS: एमसीबी जिले में गोहड़ारी नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद हजारों लोगों की परेशानी बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ को मध्य प्रदेश से जोड़ने वाले जनकपुर-शहडोल मुख्य मार्ग पर स्थित यह पुल 20 अगस्त को तेज बारिश और नदी में आई बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हुआ था। हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने बसों, ट्रकों और भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। लेकिन पुल की मरम्मत अब तक शुरू नहीं हो सकी है। हालात यह हैं कि यात्रियों और स्कूली बच्चों को बस से उतरकर करीब 500 मीटर पैदल चलना पड़ रहा है और दूसरी तरफ जाकर दूसरी बस पकड़नी पड़ रही है।

गोहड़ारी नदी का यह पुल सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि एमसीबी जिले के जनकपुर क्षेत्र को मध्य प्रदेश से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद इस पूरे इलाके की रफ्तार थम गई है। चार पहिया वाहनों, बसों, ट्रकों और भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होने से लोगों को वैकल्पिक मार्ग से करीब 27 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

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सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को हो रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब 350 से 400 स्कूली बच्चे प्रतिदिन इस मार्ग से आवागमन करते हैं। बस पुल के एक छोर पर रुकती है, बच्चे और यात्री उतरकर करीब 500 मीटर पैदल चलते हैं और दूसरी तरफ खड़ी बस में बैठकर आगे का सफर करते हैं। बारिश के बीच यह सफर बच्चों और बुजुर्गों के लिए और भी मुश्किल हो जाता है।

पुल के क्षतिग्रस्त होने का असर सिर्फ आवागमन तक सीमित नहीं है। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र की 83 ग्राम पंचायतें और 181 आश्रित गांव इससे प्रभावित हैं। कुल आबादी करीब 88 हजार 750 बताई जा रही है। वहीं पुल के दूसरी ओर स्थित 8 ग्राम पंचायतों की करीब 8 हजार 116 की आबादी सीधे प्रभावित है। इलाज के मामले में भी क्षेत्र के 85 से 90 प्रतिशत लोग मध्य प्रदेश पर निर्भर बताए जाते हैं। गंभीर मरीजों को शहडोल, रीवा, जबलपुर और कटनी जैसे शहरों तक रेफर किया जाता है। ऐसे में पुल बंद होने से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

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वहीं पुल बंद होने से व्यापार पर भी सीधा असर पड़ा है। नगर पंचायत उपाध्यक्ष नीलेश मिश्रा के मुताबिक चांगभखार क्षेत्र का करीब 90 प्रतिशत व्यापार मध्य प्रदेश से जुड़ा हुआ है। त्योहार के समय आवागमन बढ़ने के कारण व्यापारियों और आम लोगों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है।

प्रशासन ने पुल की सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई है। वैकल्पिक मार्ग के तौर पर जनकपुर से बहरासी, कुवांरपुर होते हुए चांटी बैरियर तक रास्ता निर्धारित किया गया है। इससे करीब 20 किलोमीटर का रास्ता बढ़कर लगभग 47 किलोमीटर हो गया है। यानी वाहन चालकों को करीब 27 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 और मोटरयान अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। आदेश 20 अगस्त से 20 सितंबर 2026 तक प्रभावी है। पीडब्ल्यूडी का कहना है कि पुल की क्षति की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है और मरम्मत के लिए प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू किया जाएगा। वहीं लगातार बारिश और नदी का जलस्तर अधिक होने के कारण भी काम शुरू करने में परेशानी बताई जा रही है।

कलेक्टर ने बताया कि पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था की गई है और पीडब्ल्यूडी विभाग को एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। बजट स्वीकृत होने के बाद पुल के निर्माण अथवा मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि करीब 10 दिन बीत जाने के बाद भी मरम्मत का काम कब शुरू होगा? क्योंकि पुल की समस्या सिर्फ वाहनों की रफ्तार नहीं रोक रही, बल्कि स्कूली बच्चों की पढ़ाई, ग्रामीणों के इलाज और क्षेत्र के व्यापार—तीनों पर इसका असर पड़ रहा है।



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