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ड्रम में शव, ऊपर सीमेंट और आंगन में दफन राज… पत्नी को

By NS
On: October 1, 2026 7:11 PM
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सूरत। Crime News: गुजरात के सूरत जिले के कोसंबा में करीब चार साल पुराने एक हत्या के मामले की जांच ने पुलिस के सामने चौंकाने वाली कहानी रख दी। पुलिस के मुताबिक, अपनी पत्नी और उसके रिश्तेदार पर हत्या का आरोप लगाने वाला एक व्यक्ति खुद ही जांच के घेरे में आ गया। पूछताछ आगे बढ़ने पर कथित तौर पर उसने पत्नी के साथ मिलकर तीन महिलाओं की हत्या करने की बात स्वीकार की। इनमें एक महिला के शव को ड्रम में रखकर सीमेंट से सील करने और बाद में घर के आंगन में दफनाने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, मामले में माधवदास भक्तिराम साधु ने शुरुआत में दावा किया था कि उसकी दादी सास शांताबेन गंभीरभाई वसावा की हत्या उसकी पत्नी उर्मिलाबेन उर्फ जया और एक रिश्तेदार ने की है। उसने पुलिस को यह भी बताया कि शव घर में सीमेंट के नीचे दबा हुआ है। पुलिस ने बताए गए रिश्तेदार से पूछताछ की, लेकिन उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला। इसके बाद जांच का फोकस माधवदास पर गया।

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ड्रम से मिले मानव अवशेष

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर पुराने मकान में खुदाई कराई। करीब चार से पांच फीट जमीन खोदने के बाद सीमेंट से दबा एक ड्रम बरामद हुआ। ड्रम खोलने पर पुलिस को मानव अवशेष, खोपड़ी, हड्डियां और बाल मिले। कपड़ों और कंगन के आधार पर परिजनों ने इन अवशेषों की पहचान शांताबेन के रूप में की। हालांकि, वैज्ञानिक पुष्टि के लिए अवशेषों को FSL और DNA जांच के लिए भेजा गया है।

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पुलिस का दावा है कि पूछताछ में माधवदास के बयानों में कई विरोधाभास सामने आए। इसके बाद उसने कथित तौर पर पत्नी उर्मिला के साथ मिलकर शांताबेन की हत्या करने की बात बताई। पुलिस के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2022 की रात शांताबेन घर में सो रही थीं। आरोप है कि दंपति ने तकिए से उनका मुंह दबाकर हत्या कर दी और शव को ड्रम में रख दिया।

इसके बाद ड्रम में सीमेंट और पानी भरकर उसे सील कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, शव कई सप्ताह तक घर में रखा रहा और बाद में ड्रम खोलकर अवशेषों को घर के आंगन में खोदे गए गड्ढे में दफना दिया गया। ऊपर से सीमेंट की परत डाल दी गई, ताकि जमीन के नीचे छिपी चीज का पता न चले।

बीमारी बताकर छिपाई गई मौत

जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि शांताबेन की मौत के बाद अलग-अलग लोगों को अलग-अलग जानकारी दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, कुछ रिश्तेदारों को उनकी मौत बीमारी या कोरोना से होने की बात बताई गई। हत्या के पीछे संपत्ति और कीमती सामान हासिल करने का शक भी जांच का हिस्सा है।

पूछताछ में सामने आई दो और मौतें

पुलिस के अनुसार, जांच आगे बढ़ी तो शांताबेन के अलावा दो और महिलाओं की मौत का मामला सामने आया। इनमें माधवदास की मां मंजुलाबेन और उर्मिला की बहन भारतीबेन उर्फ भगवती शामिल हैं।

पुलिस का आरोप है कि मंजुलाबेन लंबे समय से लकवे की बीमारी से पीड़ित थीं और उनकी देखभाल व इलाज का खर्च आरोपी दंपति के लिए परेशानी का कारण था। 19 जुलाई 2022 की रात कथित तौर पर उनकी भी तकिए से मुंह दबाकर हत्या की गई और बाद में मौत को बीमारी से हुई सामान्य मौत बताया गया।

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वहीं, उर्मिला की बहन भारतीबेन टीबी से पीड़ित थीं। पुलिस के मुताबिक, 25 फरवरी 2022 को उनकी भी कथित तौर पर इसी तरीके से हत्या की गई। बाद में उनकी मौत को बीमारी से जोड़ते हुए अंतिम संस्कार कर दिया गया।

पत्नी को फंसाने की कोशिश बनी जांच का टर्निंग पॉइंट

पुलिस के मुताबिक, माधवदास और उर्मिला कुछ समय से अलग रह रहे थे। इसी दौरान माधवदास ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और उसके रिश्तेदार को हत्या के मामले में फंसाने के लिए पुलिस को सूचना दी। लेकिन जब जांच में उसके बताए रिश्तेदार की भूमिका नहीं मिली और पूछताछ में माधवदास के बयानों में विरोधाभास सामने आए, तो जांच की दिशा बदल गई।

पुलिस ने माधवदास भक्तिराम साधु और उर्मिलाबेन उर्फ जया को गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस आरोपियों के बयानों, बरामद मानव अवशेषों, FSL रिपोर्ट, DNA जांच और अन्य साक्ष्यों को जोड़कर मामले की जांच कर रही है। तीनों मौतों में आरोपियों की भूमिका की वैज्ञानिक और कानूनी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद होगी।

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फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी जांच

फिलहाल मामले में बरामद अवशेषों की वैज्ञानिक पहचान सबसे अहम है। DNA और FSL रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि ड्रम से मिले मानव अवशेष शांताबेन के ही हैं या नहीं। पुलिस अन्य दोनों मौतों से जुड़े रिकॉर्ड और परिस्थितियों की भी जांच कर रही है। मामले की जांच मांगरोल के डिप्टी एसपी बी.के. वनार के मार्गदर्शन में जारी है।

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