पाटन। ग्राम पतोरा स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में विद्यार्थियों के साथ दुर्व्यवहार, अभद्र भाषा के प्रयोग एवं मारपीट की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ग्राम के जनप्रतिनिधियों एवं शाला विकास समिति ने बच्चों के हित में आवाज उठाई। मामले की शिकायत कलेक्टर दुर्ग एवं जिला शिक्षा अधिकारी से कर निष्पक्ष जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की गई थी।
ग्राम के सरपंच भुनेश्वर साहू, जनपद सदस्य चंद्रिका एवं चित्रसेन कलिहारी, पालक समिति अध्यक्ष महेंद्र साहू तथा उपसरपंच देवचरण कौशल ने बच्चों को हो रही परेशानियों को संज्ञान में लेते हुए स्कूली बच्चों और अभिभावकों के साथ कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी को आवेदन सौंपकर तत्काल निराकरण की मांग की थी। शिकायत में विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण खराब होने, विद्यार्थियों में भय का माहौल बनने तथा पालकों में गहरा आक्रोश होने की जानकारी दी गई थी।
शिकायत के बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया गया। जांच प्रतिवेदन, दस्तावेजों एवं गवाहों के बयानों के आधार पर शिकायतों की पुष्टि होने पर संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा विभाग, दुर्ग ने 23 जुलाई 2026 को आदेश जारी करते हुए शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पतोरा की प्रधान पाठिका श्रीमती ममता शांडिल्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि प्रधान पाठिका के आचरण से विद्यालय का शैक्षणिक एवं अनुशासनात्मक वातावरण प्रभावित हुआ तथा उनका कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत पाया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, दुर्ग नियत किया गया है।
ग्राम के जनप्रतिनिधियों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को लक्ष्य बनाना नहीं, बल्कि विद्यालय में विद्यार्थियों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी बच्चों के हितों की रक्षा के लिए सतत प्रयास जारी रखने की बात कही।







