देवरीबंगला/विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास परियोजना देवरी एवं डौंडीलोहारा के 40 से अधिक गांवों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। 1 से 7 अगस्त तक चले कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोद भराई, 6 मा की बच्चों को अन्नप्राशन, तथा स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। ग्राम सुरेगांव, खैरा, कमकापार, पिनकापार, खैरीडीह, भीमकन्हार, संबलपुर में आयोजित कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी अपर्णा श्रीवास्तव ने कहा कि मां का दूध शिशु के लिए केवल भोजन नहीं है। यह पहली नेचुरल वैक्सीन है जो शिशु की मस्तिष्क को मजबूत बनाता है और उसे मानसिक व बौद्धिक रूप से विकसित करने के साथ संपूर्ण पोषण देता है। शिशु के लिए मां का दूध अमृत तुल्य है।
मितानिन कार्यक्रम की ब्लॉक समन्वयक चंद्रप्रभा सुधाकर ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य समाज में स्तनपान के प्रति जागरूकता फैलाना और माताओं को समर्थन प्रदान करना है। मितानिन व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा गृह भेंट कर स्तनपान का महत्व बताया जा रहा है। जन्म के बाद शीघ्र स्तनपान, 6 माह तक सिर्फ मां का दूध एवं कम से कम 2 वर्ष तक ऊपरी आहार के संबंध में महिलाओं को जानकारी दी।
विश्व विश्व स्तनपान सप्ताह के कार्यक्रम में पर्यवेक्षक साधना श्रीवास्तव, उषा साहू, सुशीला ठाकुर, शकुंतला देवांगन, नीता सोनवनी, कस्तूरबा ऑरेंद्र, सुमनबाला देवांगन, ब्लॉक समन्वयक शोभा शर्मा, मितानिन प्रशिक्षक परवीन बेगम, खेमिन झारिया, केशव शर्मा, ऐश्वर्यामती तिवारी, सुशीला साहू ने स्तनपान कराने के फायदे और विकल्प आहार से नुकसान स्तनपान कराने की सही तरीका और इससे जुड़े मिथ्या धारणाओं का समाधान किया।





