कर्मचारी नेता कमल वर्मा ने कहा यह योजना कर्मचारियों के हित में एक दूरदर्शी और संवेदनशील पहल;जानिए इस योजना के बारे में..
पाटन। राज्य सरकार ने शासकीय सेवकों के हित में एक बेहद संवेदनशील और दूरदर्शी फैसला लिया है। अब शासकीय कर्मचारी अपनी जरूरत के समय अपने वेतन का एक हिस्सा बिना किसी ब्याज के अग्रिम (एडवांस) रूप में प्राप्त कर सकेंगे। वेतन के विरुद्ध शुरू की गई इस अल्पावधि ऋण योजना का कर्मचारी वर्ग ने पुरजोर स्वागत किया है।
कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि सरकार की यह पहल पूरी तरह से कर्मचारी हितैषी है। वित्तीय संकट के समय यह योजना कर्मचारियों को साहूकारों और बाजार के महंगे कर्ज से बचाएगी। उन्होंने इसे एक दूरदर्शी और संवेदनशील कदम बताया है, जिससे लाखों परिवारों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कर्मचारियों की इस महत्वपूर्ण आवश्यकता को समझकर योजना को मूर्त रूप प्रदान किया है यह केवल एक योजना ही नहीं है बल्कि कर्मचारियों के प्रति शासन की संवेदनशील सोच और विश्वास का परिचायक है।
विदित है कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की पहल पर प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों के हित में “अर्जित वेतन के विरुद्ध ऋण योजना” का शुभारंभ मंत्रालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के करकमलों से संपन्न हुआ। अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी तथा मुख्य सचिव विकासशील की गरिमामयी उपस्थिति रही।
योजना के विषय मे जानकारी
इस योजना के अंतर्गत कोई भी पात्र शासकीय सेवक महीने के दौरान अपने अर्जित वेतन का एक हिस्सा पूरी तरह से बिना किसी ब्याज (Interest-Free) के अग्रिम (एडवांस) रूप में प्राप्त कर सकेगा। इसके साथ ही, शासकीय सेवक अपनी आवश्यकताओं के अनुसार अपने वेतन को आधार बनाकर आगामी 5 वर्ष तक की अवधि के लिए बेहद कम और किफायती ब्याज दर पर ऋण (लोन) की सुविधा भी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने आगे घोषणा की कि भविष्य में कर्मचारियों की सहूलियत के लिए इस योजना का दायरा बढ़ाया जाएगा, जिसके तहत होम लोन और उच्च शिक्षा ऋण जैसी अन्य महत्वपूर्ण सुविधाएं भी इसी व्यवस्था के अंतर्गत उपलब्ध कराई जाएंगी।





