- सीपेज से दीवारें खराब, खुले चैंबर और अधूरे निर्माण से बढ़ा खतरा; ठेकेदार को नोटिस का भी नहीं हुआ असर
पाटन। नगर पंचायत पाटन के वार्ड क्रमांक 2 स्थित शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला के लिए लगभग 70 लाख रुपये की लागत से निर्मित नए स्कूल भवन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भवन का लोकार्पण हो चुका है, लेकिन निर्माण कार्य में सामने आई कई खामियों के कारण अब तक इसमें बच्चों की कक्षाएं शुरू नहीं हो सकी हैं।
शिक्षकों और पालकों का कहना है कि भवन की वर्तमान स्थिति को देखते हुए यहां बच्चों को बैठाना सुरक्षित नहीं है। ऐसे में करीब 100 विद्यार्थी मजबूरी में पुराने दो जर्जर भवनों में पढ़ाई कर रहे हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।
जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग की ओर से नए भवन में कक्षाएं संचालित करने के लिए मौखिक निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन भवन की गुणवत्ता को लेकर शिक्षकों और अभिभावकों में भय का माहौल है। पालकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक भवन की सभी खामियों को दूर नहीं किया जाता, तब तक वे अपने बच्चों को नए भवन में भेजने के पक्ष में नहीं हैं।
बरसात के बाद छत पर जमा है पानी…..
भवन निर्माण में लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बारिश बंद हुए तीन दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भवन की छत पर कई स्थानों पर पानी जमा हुआ है। इससे छत की ढलान और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं कई दरवाजे टूटने लगे हैं, दीवारों में सीपेज के कारण प्लास्टर खराब हो रहा है और जगह-जगह पानी टपकने की शिकायत सामने आई है। खिड़कियों में लगी ग्रिल भी कमजोर दिखाई दे रही है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
खुले चैंबर और अधूरे कार्य से बढ़ा खतरा….
स्कूल परिसर में कई स्थानों पर चैंबर खुले छोड़ दिए गए हैं, जिससे छोटे बच्चों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। परिसर में कई निर्माण कार्य अब भी अधूरे हैं, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं और बढ़ गई हैं।
ठेकेदार को नोटिस का भी नहीं पड़ा असर…..
सूत्रों के अनुसार निर्माण में सामने आई खामियों को लेकर संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा चुका है, लेकिन अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। पालकों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों को जल्द से जल्द भवन की तकनीकी जांच कराकर सभी खामियों को दूर कराना चाहिए, ताकि बच्चों की पढ़ाई सुरक्षित वातावरण में शुरू हो सके।






