नई दिल्ली। भारत के सार्वजनिक प्रसारक दूरदर्शन (DD) ने प्रसारण के 67 साल पूरे कर लिए हैं। 1959 में शुरू हुआ दूरदर्शन आज देश के सबसे बड़े और पुराने प्रसारण नेटवर्क में शामिल है। इसकी पहुंच देश की करीब 100 फीसदी आबादी तक बताई जाती है।दूरदर्शन की शुरुआत 15 सितंबर 1959 को दिल्ली में एक प्रयोगात्मक टीवी सेवा के तौर पर हुई थी। शुरुआत में इसका प्रसारण सीमित क्षेत्र और कुछ घंटों तक ही होता था। धीरे-धीरे इसका नेटवर्क देश के अलग-अलग हिस्सों में फैलता गया।
दूरदर्शन ने भारत में टेलीविजन की पहुंच बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में समाचार, शिक्षा, कृषि और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रम लोगों तक पहुंचाने में इसका महत्वपूर्ण योगदान रहा।समय के साथ दूरदर्शन ने अपने प्रसारण का विस्तार किया और कई क्षेत्रीय भाषाओं में कार्यक्रम शुरू किए। समाचार, खेल, संस्कृति, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए यह आज भी बड़ी संख्या में दर्शकों तक पहुंच बना रहा है।

टीवी के साथ दूरदर्शन ने डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन सेवाओं पर भी अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। बदलते मीडिया दौर के बावजूद सार्वजनिक सेवा प्रसारण के क्षेत्र में दूरदर्शन की भूमिका लगातार बनी हुई है।











