दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) गुरुवार, 17 सितंबर को 76 साल के हो गए। उनके जन्मदिन के मौके पर भाजपा की ओर से देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू किया जा रहा है। अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत सेवा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, रक्तदान, पौधरोपण और जनसंपर्क से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह अभियान प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने से भी जोड़ा गया है।
जन्मदिन के दिन अभियान का सबसे बड़ा आकर्षण वडनगर से वाराणसी और वाराणसी से वडनगर तक की बाइक यात्रा होगी। दोनों यात्राएं 17 सितंबर को अलग-अलग दिशाओं से एक साथ शुरू होंगी। वडनगर प्रधानमंत्री का जन्मस्थान है, जबकि वाराणसी उनका लोकसभा क्षेत्र है। दोनों यात्राएं 10 राज्यों के 193 जिलों और करीब 1,159 गांवों से होकर गुजरेंगी। यात्रा का समापन 7 अक्टूबर को प्रस्तावित है।

अमित शाह ने वडनगर से यात्रा को रवाना किया
गृह मंत्री अमित शाह ने वडनगर पहुंचकर सेवा संकल्प बाइक (PM Modi) यात्रा का शुभारंभ किया। उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। वाराणसी से निकलने वाली यात्रा को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में रवाना किया जाना है।
आयोजन से जुड़ी जानकारी के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों से युवा सेवा यात्री इस यात्रा में शामिल होंगे। यात्रा के रास्ते में स्वच्छता, पौधरोपण, जल संरक्षण, नशामुक्ति, टीबी मुक्त भारत और प्लास्टिक मुक्त भारत जैसे विषयों पर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सफाई कर्मचारियों के सम्मान और स्थानीय लोगों से संवाद के कार्यक्रम भी रखे गए हैं।
शाम को जलेंगे ‘आशीर्वाद के दीये’
17 सितंबर की शाम देश के कई हिस्सों में ‘आशीर्वाद के दीये’ जलाने की तैयारी है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से घरों के बाहर दीये जलाने की अपील की है। अलग-अलग राज्यों में इसके लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं।
दिए गए आयोजन आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में करीब 58 लाख, छत्तीसगढ़ में 36 लाख, हरियाणा में 79.52 लाख और पश्चिम बंगाल में करीब 70 लाख दीये जलाने की तैयारी है। गुजरात में भी बड़े पैमाने पर दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम होंगे। वहां 88 लाख से ज्यादा दीये जलाने की योजना बताई गई है।
मध्य प्रदेश: उज्जैन में 25 लाख से ज्यादा दीप
मध्य प्रदेश में कुल करीब 58 लाख दीये जलाने की तैयारी है। इनमें सबसे बड़ा आयोजन उज्जैन में होगा। यहां शिप्रा नदी के अलग-अलग घाटों पर 25 लाख से ज्यादा दीये जलाए जाएंगे। आयोजन को एक साथ रोशन करने के लिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी दी गई है।
आयोजन की तैयारी इस तरह की गई है कि घाटों पर दीपों को कम समय में एक साथ जलाया जा सके। इससे शिप्रा नदी का बड़ा हिस्सा दीपों की रोशनी से जगमगाएगा।
हरियाणा: अंत्योदय परिवारों को दो-दो मुफ्त दीये
हरियाणा में अंत्योदय परिवारों को दो-दो दीये मुफ्त देने की तैयारी है। प्रदेश में 39,76,273 राशन कार्ड बताए गए हैं। इनके आधार पर कुल 79,52,546 दीये आवंटित किए गए हैं। शाम को लोग इन दीयों को घरों के बाहर जलाएंगे।
पश्चिम बंगाल: हुगली किनारे रोशनी
पश्चिम बंगाल में 17 सितंबर की शाम हुगली नदी के किनारे कई घाटों पर दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा। प्रशासन की ओर से करीब 8.5 लाख दीये जुटाए गए हैं। इनमें बाजा कदमताल घाट पर अकेले करीब एक लाख दीये जलाने की तैयारी है।
छत्तीसगढ़ में भी बड़े आयोजन
छत्तीसगढ़ में भी प्रधानमंत्री (PM Modi) के जन्मदिन पर सेवा और जनसंपर्क से जुड़े कार्यक्रमों की तैयारी है। प्रदेश में करीब 36 लाख दीये जलाने का लक्ष्य बताया गया है। इसके साथ ही अलग-अलग जिलों में स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य शिविर, पौधरोपण और अन्य सेवा गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान
‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन केवल जन्मदिन तक सीमित नहीं रहेगा। 17 सितंबर से शुरू होकर यह 17 अक्टूबर तक चलेगा। भाजपा के अनुसार इस दौरान सेवा गतिविधियों के जरिए आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर रहेगा। रक्तदान, स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता, पौधरोपण और सामाजिक जागरूकता जैसे कार्यक्रम अलग-अलग क्षेत्रों में किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री के जन्मदिन के साथ उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने को भी अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है। 7 अक्टूबर को बाइक यात्राओं के समापन के साथ अभियान का एक प्रमुख चरण पूरा होगा। इस दिन का प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक सफर में विशेष महत्व है, क्योंकि 7 अक्टूबर 2001 को उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।
प्रधानमंत्री के कार्यकाल से जुड़े रिकॉर्ड के मामले में भी 2026 में महत्वपूर्ण पड़ाव आए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार 10 जून 2026 को मोदी लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में 4,399 दिन पूरे कर चुके थे और इस अवधि के रिकॉर्ड में जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों को पीछे छोड़ा था।









