पाटन नगर के पुराना बाजार चौक में छबि श्याम देवांगन अपने पिता जनक लाल देवांगन गुरुजी के पुण्य स्मृति में श्री मद भागवत कथा का आयोजन एक अगस्त से प्रारंभ है
पाटन,,,नगर के पुराना बाजार चौक में श्री मद भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा हैश्रीमद भागवत कथा के आयोजन में आज पांचवे दिन दुर्ग सांसद की पत्नी श्रीमती रजनी बघेल,जनपद अध्यक्ष श्रीमति कीर्ति नायक जिला पंचायत सदस्य श्रीमती चंद्राकर कथा में शामिल होकर कथा श्रवण किया कथा के पांचवे दिन आचार्य कृष्ण कुमार तिवारी ने समुद्र मंथन एवं भगवान के वामन अवतार की कथा सुनाई

पंडित तिवारी ने कहा कि स्वर्ग एवं नरक यही है समाज में परिवार में मीठे वचन बोले अच्छा व्यवहार करे आचरण अच्छा रखे तो शत्रु भी आपके प्रति कोमल व्यवहार करते है पंडित तिवारी ने कहा कि भगवान किसी पर भेदभाव नहीं करते है भगवान सम दर्शी है जो सबको समान रूप से व्यवहार करते है

भगवत कथा वाचक कृष्णकुमार तिवारी ने समुद्र मंथन की कथा विस्तार से बताते हुए कहा कि देवता और असुर आपस में लड़ते-लड़ते जब त्रस्त हो गए तब देवताओं की ओर से उनके गुरु बृहस्पति और दैत्यों (असुरों के गुरु) शुक्राचार्य को भगवान नारायण का आदेश हुआ, ‘दोनों पक्षों में संधि हेतु प्रयास करो और दोनों एक रचनात्मक कार्य संपादित करने का प्रयास करें ताकि दोनों की शक्ति संघर्ष की अपेक्षा रचनात्मकता में लगे और समाज के लिए अच्छे कार्य का सूत्रपात हो। समाज में सुख, शांति, समृद्धि का उपक्रम आरंभ हो।’ भगवान विष्णु ने समुद्र मंथन का प्रस्ताव दिया। देवता और असुरों ने मिलकर वासुकी नाग, मंदराचल पर्वत, समुद्र का आश्रय लेकर समुद्र मंथन किया जिससे 14 रत्न निकले। भगवान के वामन अवतार की कथा के दौरान कहा कि सभी युग में दान का महत्व बड़ा है श्रीमद्भागवत कथा में भगवान विष्णु के वामन अवतार का प्रसंग अहंकार मुक्ति, परोपकार और भगवान की शरणागति का संदेश देता हैकथा में छबि श्याम देवांगन, रुक्मणी देवांगन,लालचंद देवांगन, लक्ष्मी नाथ देवांगन, छोटू देवांगन,सतीश देवांगन,श्रीमति विनीता देवांगन,श्रीमति प्रीति देवांगन, के अलावा आसपास गांवों के लोग उपस्थित रहे








