केरलम में रविवार सुबह अचानक हुई भारी बारिश से कहर टूट पड़ा. भूस्खलन और बाढ़ के चलते 7 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हो गए. मौसम विभाग ने आज कई जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने अधिकारियों को हर घंटे स्थिति का जायजा लेने का निर्देश दिया है.
मलप्पुरम जिले के निलांबुर में कोट्टापुझा नदी में अचानक आई बाढ़ के कारण पांच लोगों का एक समूह तेज बहाव में बह गया। शुरुआती तौर पर दो लोगों की मौत और दो के लापता होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में तलाशी अभियान के दौरान तीन और शव बरामद किए गए, जिससे इस घटना में मृतकों की संख्या पांच हो गई।


इडुक्की के कोट्टाकंबूर में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन से एक अस्थायी शेड मलबे की चपेट में आ गया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और एक महिला घायल हुई। वहीं कोट्टायम में भी अलग-अलग बारिश से जुड़े हादसों में दो लोगों की जान गई। बिगड़ते हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री वीडी सतीसन ने राज्य में बारिश से पैदा हुई स्थिति की हर घंटे समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन को प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
इडुक्की और कोट्टायम में मौसम को लेकर लोगों को SMS अलर्ट भी भेजे गए हैं। प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू एवं इवैक्यूएशन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने इडुक्की और कोट्टायम में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि इन इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने केरल के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। IMD के मुताबिक, राज्य में 20 और 21 सितंबर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बना हुआ है।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज, डिजास्टर मैनेजमेंट टीम और स्थानीय बचाव दलों को सक्रिय किया है। निलांबुर-अमरंबलम क्षेत्र में विशेष डिजास्टर मैनेजमेंट फोर्स की टीम भी भेजी गई है। लगातार बारिश और तेज बहाव के कारण कुछ इलाकों में राहत-बचाव अभियान में मुश्किलें भी सामने आ रही हैं। इसके बावजूद लापता लोगों की तलाश के लिए नदी और उसके आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी है।







