दिल्ली। Intelligent Traffic Management System: दिल्ली के ट्रैफिक मैनेजमेंट को तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राजधानी के 42 प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर के लिए 1,789.52 करोड़ रुपये के Intelligent Traffic Management System (ITMS) को मंजूरी मिली है। नए सिस्टम में सड़क पर मौजूद ट्रैफिक के हिसाब से सिग्नल की टाइमिंग अपने आप बदली जा सकेगी।
इसके तहत 1,092 Adaptive Traffic Control Systems और 1,029 Enforcement Locations को कवर किया जाएगा। सिस्टम रियल टाइम में ट्रैफिक जाम, धीमी रफ्तार और सड़क पर होने वाली घटनाओं की पहचान कर सकेगा। जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक डायवर्जन और दूसरी कार्रवाई में भी मदद मिलेगी।

एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर की सुविधा विकसित की जाएगी, ताकि उन्हें जाम वाले रास्तों से तेजी से निकाला जा सके। इसके अलावा रेड लाइट जंप, स्टॉप लाइन उल्लंघन, ओवरस्पीडिंग, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट, अवैध पार्किंग और वाहन चलाते समय मोबाइल के इस्तेमाल जैसे ट्रैफिक नियमों की पहचान भी तकनीक के जरिए की जा सकेगी।
सिस्टम में चोरी या हॉट-लिस्टेड वाहनों और बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान में भी मदद मिलेगी। यात्रियों को ट्रैफिक, डायवर्जन और पार्किंग से जुड़ी जानकारी वैरिएबल मैसेज साइन बोर्ड और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए दी जाएगी। दिल्ली पुलिस इस परियोजना को लागू करेगी, जबकि C-DAC तकनीकी सहायता देगा। इसका उद्देश्य मौजूदा सड़क नेटवर्क को रियल टाइम डेटा और तकनीक के जरिए अधिक प्रभावी तरीके से संचालित करना है।






