केरल । Organ Trafficking: केरल में चल रहे एक बड़े अवैध अंग तस्करी नेटवर्क का प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पर्दाफाश किया है। मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई कार्रवाई में ED ने 18 जून को राज्य के 9 ठिकानों पर छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए हैं। जांच में सामने आया है कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को पैसों का लालच देकर किडनी डोनर बनाया जाता था, जबकि जरूरतमंद मरीजों से लाखों रुपये वसूले जाते थे।
ED के मुताबिक इस रैकेट का संचालन मोहम्मद नजीब के और उसकी सहयोगी रशीदा ए.ए. द्वारा संचालित कंपनी कल्लाथरस मेडिकल टूरिज्म प्राइवेट लिमिटेड के जरिए किया जा रहा था। वर्ष 2021 से 2026 के बीच आरोपियों ने मेडिकल टूरिज्म और वैध अंगदान की आड़ में अवैध अंग प्रत्यारोपण का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया था।

जांच में खुलासा हुआ कि एजेंटों और बिचौलियों के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 5 से 15 लाख रुपये देने का लालच देकर किडनी दान के लिए तैयार किया जाता था। वहीं अंग प्राप्त करने वाले मरीजों से 20 से 35 लाख रुपये या उससे अधिक रकम वसूली जाती थी।
पूरे नेटवर्क को कानूनी दिखाने के लिए फर्जी आधार कार्ड, राशन कार्ड, पुलिस प्रमाणपत्र, जनप्रतिनिधियों की सिफारिशी चिट्ठियां और अन्य दस्तावेज तैयार किए जाते थे। इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एर्नाकुलम के कुछ बड़े अस्पतालों में अवैध तरीके से अंग प्रत्यारोपण कराए जाते थे।
ED ने छापेमारी के दौरान डोनर और रिसीवर से जुड़े रिकॉर्ड, अस्पतालों में जमा दस्तावेज, ऑथराइजेशन कमेटी से मंजूरी संबंधी फाइलें और कई डिजिटल सबूत जब्त किए हैं। साथ ही कई एजेंटों और बिचौलियों के बैंक खातों को फ्रीज कर मनी ट्रेल की जांच शुरू कर दी गई है।
जांच एजेंसी अब यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों द्वारा खरीदी गई संपत्तियां कहीं अवैध अंग तस्करी से अर्जित धन से तो नहीं खरीदी गईं। ED का मानना है कि इस नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं और आने वाले दिनों में मामले में बड़े खुलासे तथा नई गिरफ्तारियां हो सकती हैं।






