रायपुर। GRAND NEWS : सिख धर्म के पांचवें गुरु श्री गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के हृदय स्थल जयस्तंभ चौक में विशाल छबील (मीठे शरबत वितरण) का आयोजन किया गया। भीषण गर्मी के बीच आयोजित इस सेवा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सिख समाज के लोगों ने भाग लेकर मानवता, सेवा और भाईचारे का संदेश दिया। राहगीरों, आम नागरिकों एवं जरूरतमंदों को ठंडा मीठा शरबत वितरित कर गुरु साहिब की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। यह आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा द्वारा छत्तीसगढ़ सिख काउंसिल के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राजधानी के विभिन्न गुरुद्वारों से जुड़े पदाधिकारी, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और सेवा कार्य में अपना योगदान दिया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी फिल्म आयोग की अध्यक्ष मोना सेन, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा, कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी, ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन सरदार गुरुचरण सिंह होरा, जी.एस. भांबरा, समाजसेवी सरदार दिलेर सिंह होरा, समाजसेवी सरदार जगजीत सिंह खनूजा, बलविंदर सिंह अरोरा, जसबीर सिंह भाटिया, भाजपा पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष सीमा संतोष साहू एवं पार्षद संतोष साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि और सिख समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।


इस अवसर पर ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन सरदार गुरुचरण सिंह होरा ने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी ने सत्य, धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्हें गर्म तवे पर बैठाकर और जलती रेत डालकर यातनाएं दी गईं, लेकिन उन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। उनकी शहादत को स्मरण करते हुए पूरे देश में छबील लगाकर मीठे शरबत का वितरण किया जाता है। उन्होंने बताया कि राजधानी रायपुर के सभी 23 गुरुद्वारों के अध्यक्षों सहित सिख समाज के लोगों ने इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। उन्होंने गुरु अर्जुन देव जी की शहादत दिवस पर भीषण गर्मी के दौरान अधिक से अधिक लोगों से जल सेवा और शरबत सेवा करने की अपील भी की।

अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा ने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी का जीवन त्याग, तपस्या, सेवा और मानव कल्याण का अद्भुत उदाहरण है। उनकी शहादत हमें हर परिस्थिति में मानवता की सेवा करने और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा भाईचारे को बढ़ावा देने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि छबील की परंपरा केवल शरबत वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जरूरतमंदों की सेवा, परोपकार और सामाजिक एकता का प्रतीक है। आज के इस आयोजन के माध्यम से गुरु साहिब के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
जयस्तंभ चौक पर आयोजित इस सेवा कार्य के दौरान बड़ी संख्या में राहगीरों ने शरबत ग्रहण किया और आयोजनकर्ताओं की सेवा भावना की सराहना की। पूरे आयोजन में श्रद्धा, सेवा और समर्पण का भाव देखने को मिला, जिसने गुरु अर्जुन देव जी की शिक्षाओं और बलिदान को जीवंत कर दिया।


