सेलूद/पूर्व सरपंच खेमलाल साहू से जुड़ी सोशल मीडिया टिप्पणी को लेकर जिस प्रकार मामले को सामाजिक रूप देने का प्रयास किया जा रहा है, वह उचित नहीं है। राजनीतिक मतभेद और पार्टीगत राजनीति को राजनीतिक स्तर तक ही सीमित रखा जाना चाहिए तथा व्यक्तिगत विवादों का समाधान व्यक्तिगत एवं आपसी स्तर पर किया जाना चाहिए।
लवण बंजारे ने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा राजनीतिक संदर्भ में की गई टिप्पणी को पूरे समाज से जोड़ना उचित नहीं है। यदि किसी टिप्पणी को लेकर आपत्ति है तो संबंधित व्यक्ति से संवाद कर अथवा राजनीतिक संगठन के उचित मंच पर विषय को रखा जाना चाहिए। समाज को राजनीतिक विवादों में घसीटना सामाजिक सौहार्द के हित में नहीं है। जो चैटिंग सोशल मीडिया में वायरल है उसको पढ़ने से कही पर भी सतनामी समाज को अभद्र टिप्पणी करते दिखाई नही दे रहा है l तो फिर कहा से सामाजिक भावना आहत हुई है ? उक्त चैटिंग मूलतः पूर्व सरपंच ने सरपंच पद पर टिप्पणी किया है जो कि राजनीतिक व्यंग है l

विकास बारले ने कहा कि राजनीति में विचारों और मतभेदों का होना स्वाभाविक है, लेकिन राजनीतिक मतभेदों को सामाजिक विवाद का रूप नहीं दिया जाना चाहिए। किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत या राजनीतिक विवाद को पूरे समाज से जोड़ने से समाज में अनावश्यक भ्रम और गलतफहमी पैदा होती है। इसलिए ऐसे मामलों को राजनीतिक एवं व्यक्तिगत स्तर पर ही सुलझाया जाना चाहिए।
श्रीमति किरण सोनवानी ने कहा कि समाज सभी लोगों का है और किसी एक व्यक्ति की राजनीतिक टिप्पणी को पूरे समाज की भावना बताना उचित नहीं है। राजनीतिक लाभ या आपसी विवाद के लिए समाज को बीच में लाना सामाजिक एकता के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लड़ाई राजनीतिक मंच पर ही होनी चाहिए और व्यक्तिगत विषयों का समाधान आपसी बातचीत से किया जाना चाहिए।
तीनों ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की किसी टिप्पणी से किसी पक्ष को आपत्ति है तो उसके वास्तविक संदर्भ और पूरी बातचीत को सामने रखकर तथ्यात्मक रूप से विषय को देखा जाना चाहिए। किसी टिप्पणी को तोड़-मरोड़कर पूरे समाज से जोड़ना उचित नहीं है।
लवण बंजारे, विकास बारले एवं किरण सोनवानी ने संयुक्त रूप से अपील करते हुए कहा कि पार्टीगत राजनीति को पार्टी तक सीमित रखा जाए, व्यक्तिगत विवादों को आपसी स्तर पर सुलझाया जाए और समाज को इस प्रकार के विवादों में लाकर समाज का मजाक न बनाया जाए। सामाजिक भाईचारा, आपसी सम्मान और सद्भाव किसी भी राजनीतिक मतभेद से ऊपर हैं।







