महासमुंद। CG NEWS: महासमुंद पुलिस ने खैर लकड़ी के अवैध परिवहन और फर्जी एनओसी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी के मकान से 81 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस अब इस भारी-भरकम रकम को अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए उसकी कुर्की की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
महासमुंद पुलिस की यह बड़ी कार्रवाई खैर लकड़ी के अवैध परिवहन और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़े मामले में हुई है। वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर थाना पिथौरा में अपराध क्रमांक 172/2026 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई थी।

पुलिस के अनुसार, करीब 23 हजार 350 किलोग्राम खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के लिए एनटीपीएस और एनओसी में कूटरचना कर उनका इस्तेमाल किए जाने और धोखाधड़ी का मामला सामने आया था। मामले की विवेचना के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार, थाना सरसींवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ स्थित मकान की तलाशी के लिए न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त किया।
7 सितंबर को पुलिस टीम ने मकान के केयरटेकर और गवाहों की मौजूदगी में तलाशी ली। तलाशी के दौरान एक थैले से 500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियां बरामद हुईं। गिनती करने पर थैले में 500 रुपये के कुल 16 हजार 200 नोट पाए गए, जिनकी कुल कीमत 81 लाख रुपये है। पुलिस ने पूरी रकम को मौके पर विधिवत जप्त कर लिया।
इस मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं, भारतीय वन अधिनियम और अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही है। महासमुंद पुलिस का कहना है कि जप्त की गई 81 लाख रुपये की नकदी को अपराध से अर्जित संपत्ति के रूप में देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी बीएनएसएस की धारा 107 के तहत न्यायालय के समक्ष कुर्की के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर 81 लाख रुपये की यह नकदी कहां से आई और इसका खैर लकड़ी के अवैध कारोबार से क्या संबंध है?






