पाटन। तीज पर्व के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ झेरिया महार/महिला समाज मंडल (पंजीकृत शाखा) के तत्वावधान में देवांगन भवन, पाटन में तीज मिलन समारोह एवं नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत पाटन की अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक शामिल हुईं। उन्होंने उपस्थित माताओं-बहनों को तीज पर्व की शुभकामनाएं देते हुए नारी शक्ति, सामाजिक एकता और संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया।
“सशक्त महिला, सशक्त परिवार और सशक्त समाज की आधारशिला है”
अपने संबोधन में श्रीमती कीर्ति नायक ने कहा कि तीज केवल पर्व नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और नारी शक्ति का उत्सव है। हमारी माताएं और बहनें अपनी परंपराओं, संस्कारों और संस्कृति को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। ऐसे आयोजन महिलाओं को एक मंच पर लाकर आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि आज की नारी किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। महिलाएं राजनीति, शिक्षा, प्रशासन, व्यवसाय और सामाजिक क्षेत्र में अपनी नेतृत्व क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन कर रही हैं। आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें समान अवसर, सम्मान और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिले। जब एक महिला आत्मनिर्भर और सशक्त होती है, तो उसका प्रभाव केवल उसके परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा समाज मजबूत होता है।
संस्कृति के संरक्षण के साथ महिला सशक्तिकरण पर जोर
श्रीमती कीर्ति नायक ने कहा कि हमारी संस्कृति और परंपराएं हमारी पहचान हैं, जिन्हें संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। तीज जैसे पर्व महिलाओं के जीवन में उमंग और उत्साह भरने के साथ सामाजिक रिश्तों को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने महिलाओं से अपनी प्रतिभा, क्षमता और अधिकारों को पहचानकर समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती सुमन मेघशाम (पार्षद, वार्ड क्रमांक 08, दुर्ग) ने की। वहीं श्रीमती ममता विजय गौतम एवं श्रीमती संध्या हरे अतिथिविशिष्ट के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में क्षेत्र की समस्त स्वजातीय निर्वाचित महिला सरपंचों सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता निभाई।
तीज मिलन समारोह में पारंपरिक संस्कृति और नारी शक्ति की सुंदर झलक देखने को मिली। महिलाओं ने उत्साह और उमंग के साथ पर्व की खुशियां साझा कीं। समारोह के माध्यम से महिला सम्मान, सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और नारी सशक्तिकरण का प्रभावी संदेश दिया गया।








