राजिम। धर्मनगरी राजिम के महानदी उच्चस्तरीय पुल पर 15 दिनों से बंद पड़ी लाइट और कई जगहों पर बने गड्ढों की खबर ग्रैंड न्यूज़ में प्रकाशित होने के बाद आखिरकार जिम्मेदार विभाग जागा है। विभाग ने आनन-फानन में पुल पर गड्ढों का मरम्मत कार्य शुरू करा दिया है। सुबह से ही पुल पर गिट्टी और और सीमेंट से गड्ढों को भरने का काम चल रहा है। बरसात में पुल की सड़क जगह-जगह से उखड़ गई थी, सरिया बाहर निकल आया था, जिससे आए दिन बाइक सवार गिरकर घायल हो रहे थे। 52 गड्ढों की मरम्मत का कार्य विभाग ने शुरू तो किया, लेकिन गुणवत्ता पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मरम्मत स्थल पर विभाग का कोई जिम्मेदार इंजीनियर मौजूद नहीं था। पूरा काम सुपरवाइजर और ठेका मजदूरों के भरोसे कराया जा रहा है। बिना इंजीनियर की देखरेख में हो रही मरम्मत कितनी टिकाऊ होगी, यह बड़ा सवाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर 15 दिन में विभाग खानापूर्ति के लिए गड्ढों में गिट्टी डाल देता है, जो बारिश में ही बह जाती है।
पिछले दो महीनों में तीसरी बार इस पुल पर इसी तरह लीपापोती की जा रही है। विभाग अब तक इस पुल के लिए कोई ठोस और स्थाई समाधान नहीं निकाल पाया है। रायपुर और गरियाबंद जिले को जोड़ने वाले इस लाखों की आवाजाही वाले पुल पर अब भी स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। नागरिकों ने मांग की है कि पुल की मरम्मत इंजीनियरों की मौजूदगी में गुणवत्ता के साथ कराई जाए और बंद पड़ी लाइटों को तत्काल चालू किया जाए, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके।











