पाटन। आयुष्मान आरोग्य मंदिर, आयुर्वेदिक अस्पताल सेलूद में ग्रामीणों एवं आम नागरिकों के लिए नेत्र जांच एवं स्वास्थ्य शिक्षा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों में नेत्र संबंधी बीमारियों की समय पर पहचान, दृष्टि दोष एवं मोतियाबिंद की जांच तथा आंखों की उचित देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
शिविर में नेत्र सहायक अधिकारी श्री योगैय्या बंडी द्वारा उपस्थित लोगों का नेत्र परीक्षण किया गया। उन्होंने मरीजों की दृष्टि की जांच करते हुए नेत्र संबंधी विभिन्न समस्याओं की पहचान की तथा आवश्यकतानुसार उपचार एवं आगे की जांच के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया।
आंखों की देखभाल हेतु स्वास्थ्य शिक्षा
इस अवसर पर श्री योगैय्या बंडी ने उपस्थित ग्रामीणों एवं मरीजों को आंखों की नियमित देखभाल एवं नेत्र स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आंखों में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर स्वयं से दवा या आई ड्रॉप का उपयोग करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना चाहिए।
उन्होंने लोगों को नियमित रूप से नेत्र जांच कराने, पर्याप्त प्रकाश में पढ़ने-लिखने, मोबाइल एवं स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग करने से बचने तथा आंखों को समय-समय पर आराम देने की सलाह दी। साथ ही धूल, धुआं एवं तेज धूप से आंखों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतने तथा बाहर निकलते समय आवश्यकता अनुसार सुरक्षात्मक चश्मे का उपयोग करने की जानकारी दी।
उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों को मोतियाबिंद के लक्षणों के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि धीरे-धीरे दिखाई कम देना, धुंधला दिखाई देना, रात में देखने में परेशानी होना अथवा रोशनी के चारों ओर चमक दिखाई देना जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच एवं उपचार से दृष्टि को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने बच्चों एवं युवाओं में बढ़ती स्क्रीन उपयोग की आदत को देखते हुए मोबाइल, टीवी एवं कंप्यूटर के संतुलित उपयोग, उचित दूरी बनाए रखने तथा पर्याप्त रोशनी में पढ़ाई करने की सलाह दी। साथ ही आंखों को बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी प्रकार की दवा या घरेलू पदार्थ डालने से बचने की अपील की।
22 लोगों की हुई नेत्र जांच
शिविर के दौरान कुल 22 लोगों का नेत्र परीक्षण किया गया। जांच में 03 मरीजों में ऑपरेशन योग्य मोतियाबिंद की पहचान की गई। इन मरीजों को आगे आवश्यक जांच एवं उपचार/ऑपरेशन हेतु उचित मार्गदर्शन एवं रेफरल प्रदान किया गया।
वहीं 14 मरीजों में दृष्टि दोष पाया गया। ऐसे मरीजों को दृष्टि सुधार के लिए आवश्यक परामर्श दिया गया तथा चश्मे की आवश्यकता के संबंध में मार्गदर्शन किया गया।
शिविर के आयोजन एवं संचालन में आयुर्वेदिक अस्पताल सेलूद से श्रीमती संगीता कोठारी, डॉ. भावना पाल, श्री अर्जुन सिंह ठाकुर एवं श्री रूपेश कुमार साहू का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।







