छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालयीन पेंशनर्स कल्याण संघ के अध्यक्ष प्रदीप मिश्र और महा सचिव शिरीष त्रिवेदी ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के सबसे पुराने पंडित रविशंकर शुक्ल वि वि के सेवानिवृत कक्ष अधिकारी डा कोमल प्रसाद राठौर कवि एवं ग़ज़लकार के हिंदी ग़ज़ल संग्रह अनुग्रह का विमोचन रविवार दिनांक 02 अगस्त 2026 को सिविल लाइन के वृंदावन हॉल रायपुर में वरिष्ठ व्यंग्यकार गिरीश पंकज के मुख्य आतिथ्य, लब्धप्रतिष्ठ कवि ,लेखक एवं ग़ज़लकार डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ की अध्यक्षता एवं वरिष्ठ साहित्यकार व भाषा विद् द्वय डॉ.चित्तरंजन कर तथा डॉ.सुधीर शर्मा के सारस्वत आतिथ्य में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के आरंभ में विमोचित पुस्तक के ग़ज़लकार द्वारा अपनी चुनिंदा ग़ज़लें पढ़ी गईं।

गिरीश पंकज ने अनुग्रह ग़ज़ल संग्रह को राठौर की सृजन यात्रा का सुखद परिणाम कहा। डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ ने हिंदी गज़लों को जीवन की स़कलनात्मक अभिव्यक्ति निरुपित करते हुए उसकी विकास यात्रा पर सारगर्भित प्रकाश डाला।डॉ.चित्तरंजन कर ने ग़ज़लों में चिंतन की विविधता की तारीफ़ की ।
डॉ. सुधीर शर्मा ने कोमल प्रसाद राठौर की ग़ज़लों को सुखद अनुभूति का नतीजा बताया और उनके पुत्र पर लिखी गई ग़ज़ल पर विशेष चर्चा की। श्रीमती नंदिनी राठौर ने अपने पति कोमल राठौर की सहजता एवं सरलता की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
इसी क्रम में छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालयीन पेंशनर्स कल्याण संघ के समस्त सदस्यों ने डा कोमल राठौर जी की यह दूसरी लिखी कविता, गजल की इस पुस्तक के विमोचन होने पर सभी सेवानिवृत कर्मचारियों की ओर से बधाई दिये इस समुचित कार्यक्रम का संचालन अभिषेक वैष्णव ने एवं आभार प्रदर्शन डॉ.कोमल प्रसाद राठौर ने किया।






