दिनेश नथानी/भानुप्रतापपुर। भानुप्रतापपुर दुर्गूकोंदल माइंस प्रभावित ग्राम चाहचाड़ का यह स्कूल क्षेत्र की बदहाल व्यवस्था की तस्वीर बयां कर रहा है। करोड़ों रुपये की खनिज संपदा देने वाले इस इलाके में बच्चों की पढ़ाई त्रिपाल के सहारे कराई जा रही है। सवाल यह है कि जब खनिज न्यास निधि (DMF) का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना है, तो आखिर स्कूल भवन की मरम्मत या नए निर्माण के बजाय केवल टीन शेड जैसे अस्थायी कार्यों पर ही अधिक ध्यान क्यों दिया जा रहा है? क्षेत्र वासियों का कहना है कि बच्चों के भविष्य से जुड़ी इस गंभीर समस्या पर अब तत्काल स्थायी समाधान की आवश्यकता है।





