पाटन क्षेत्र के साथ भेदभाव….. क्या पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विधायक होने की वजह से हो रही उपेक्षा?
दुर्ग। राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग ग्रामीण के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पाटन क्षेत्र के जामगांव (एम) में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में शामिल हुए, लेकिन जिस गांव में कार्यक्रम हुआ उसे कोई विशेष सौगात नहीं मिली और न ही पूरे पाटन विधानसभा क्षेत्र के लिए कोई महत्वपूर्ण घोषणा की गई।
राकेश ठाकुर ने कहा कि पाटन क्षेत्र के कई सरकारी स्कूल आज भी शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे हैं। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए एक माह बीत चुका है, लेकिन कई स्कूलों में विद्यार्थियों को अब तक पूरी किताबें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में इन जमीनी समस्याओं पर कोई चर्चा नहीं की और न ही इनके समाधान के लिए कोई घोषणा की।
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए पाटन क्षेत्र के कई स्कूलों में छुट्टी कराकर विद्यार्थियों और शिक्षकों को कार्यक्रम स्थल तक लाया गया, जिससे पढ़ाई प्रभावित हुई। उनका कहना था कि यदि सरकार वास्तव में शिक्षा को लेकर गंभीर होती तो बड़े आयोजनों की बजाय स्कूलों की मूलभूत समस्याओं के समाधान पर ध्यान देती।
राकेश ठाकुर ने राज्य सरकार पर राजनीतिक भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा, “क्या भाजपा सरकार पाटन क्षेत्र के साथ इसलिए भेदभाव कर रही है क्योंकि यहां के विधायक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हैं? मुख्यमंत्री स्वयं पाटन आए, लेकिन न जामगांव (एम) के लिए कोई विशेष घोषणा की और न ही पाटन क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोई ठोस निर्णय लिया। इससे क्षेत्र की जनता अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रही है।”
उन्होंने कहा कि सरकार को प्रचार और बड़े आयोजनों से आगे बढ़कर पाटन क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने, समय पर सभी विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध कराने तथा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि सरकार राजनीतिक भेदभाव छोड़कर प्रदेश के सभी क्षेत्रों के साथ समान व्यवहार करे और पाटन विधानसभा क्षेत्र के विकास एवं शिक्षा व्यवस्था पर भी समान रूप से ध्यान दे।






