घटारानी धाम में भीषण आगजनी, 10 दुकानें जलकर खाक; नवरात्रि से पहले गरीब व्यापारियों को लाखों का नुकसान, 

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खबर हेमंत तिवारी,,,,,,,,,

राजिम-:प्रदेश के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल घटारानी धाम में देर रात भीषण आगजनी की घटना सामने आई है। मंदिर परिसर में संचालित करीब 10 दुकानें आग की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस घटना में लगभग 8 से 10 लाख रुपये तक के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार मंदिर परिसर में लगी दुकानों में फैंसी सामग्री, प्रसादी, चश्मा, बेल्ट और अन्य पूजा सामग्री की दुकानें संचालित थीं। देर रात अचानक लगी आग ने देखते ही देखते कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे दुकानों में रखा पूरा सामान जलकर राख हो गया।

बताया जा रहा है कि आगामी नवरात्रि पर्व को देखते हुए दुकानदारों ने अपनी दुकानों में बड़ी मात्रा में नया सामान लाकर रखे थे। नवरात्रि के दौरान यहां दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और इन दुकानों में अच्छी बिक्री होती है। लेकिन नवरात्रि से ठीक पहले हुई इस घटना से दुकानदारों में मायूसी और चिंता का माहौल बन गया है।

आगजनी में जिन दुकानदारों को नुकसान हुआ है, उनमें नीलांबर देवांगन (चरौदा), खेमन ध्रुव (फुलझर), मनोज यादव (फुलझर) और भीखम (जमाही) सहित अन्य और दुकान संचालक शामिल बताए जा रहे हैं।

दुकानदारों का कहना है कि आसपास के जंगल क्षेत्र में अक्सर आग लगने की घटनाएं होती रहती हैं। यदि समय रहते इसकी सूचना दी जाती है तो कई बार सूचना देने वालों के साथ ही वन विभाग के कुछ कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज किए जाने की शिकायत भी सामने आई है। स्थानीय लोग आशंका लगा रहे है.कि जंगल में महुआ बिनने के दौरान लगाई जाने वाली आग धीरे-धीरे फैलते हुए यहां तक पहुंच सकती है, जिसकी भी जांच की जानी चाहिए।

वहीं स्थानीय लोगों ने वन विभाग की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि गर्मी के दिनों जंगलों में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए फायर वॉचर (आग निगरानी कर्मचारी) की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान में यहां केवल एक ही कर्मचारी तैनात बताया जा रहा है, जो इतने बड़े क्षेत्र के लिए पर्याप्त नहीं है।

 गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, ऐसे में वन विभाग को अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती करनी चाहिए।

घटना की सूचना पुलिस थाना फिंगेश्वर को दे दी गई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी लेते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।

प्रभावित दुकानदारों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी की लापरवाही या दुर्भावना के कारण आगजनी की घटना सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने नुकसान की भरपाई के लिए उचित मुआवजा देने की भी मांग की है।

घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना से न केवल दुकानदारों को भारी नुकसान हुआ है, बल्कि आने वाले नवरात्रि पर्व की तैयारियों पर भी इसका असर पड़ सकता है।

,,,,,,,,वही इस बारे में बिट गॉर्ड राहुल श्रीवास फूलकर ने बताया कि कल रात को हम लोग 10 बजे घटारानी से आय थे ।तब तक आग नहीं लगा था। संभवतः रात को सभी दुकानदारों के आने के बाद किसी ने जंगल आग लगाया गया होगा। जो आग दुकान तक पहुंच गया।



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