y अधिकमास आज रविवार से, उज्जैन के श्रीनाथजी की हवेली में महोत्सव मनेगा

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अधिकमास आज रविवार से, उज्जैन के श्रीनाथजी की हवेली में महोत्सव मनेगा

उज्जैन। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज रविवार से ज्येष्ठ अधिक मास प्रारंभ हो रहा है। यह 15 जून तक चलेगा। मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में पुष्टिमार्गीय संप्रदाय की विविध हवेलियां हैं, जहां प्रतिदिन विविध मनोरथ पूरे होंगे। ढाबा रोड स्थित श्रीनाथजी की हवेली में पूरे माह 30 दिवसीय पुरुषोत्तम मास महोत्सव मनायाया जाएगा। प्रतिदिन प्रात: और सायं ठाकुरजी के विविध मनोरथ किए जाएंगे।

ज्योतिषाचार्य पं. हरिहर पण्ड्या के अनुसार यह वैज्ञानिक सत्य है कि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा 365 दिन 6 घंटे में पूर्ण करती है, जबकि चंद्रमा आधारित कालचक्र 355 दिन का होता है। इस खगोलीय स्थिति के कारण हर ढाई से तीन वर्ष में लगभग 30 दिनों का एक माह अतिरिक्त हो जाता है, जिसे अधिक मास या पुरुषोत्तम मास कहा जाता है। हिंदू कैलेंडर में इस अधिक मास की कोई निश्चित स्थिति नहीं होती है। यह वैशाख-सावन-भादवा-आषाढ़ में कभी-कभी आता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार स्वयं भगवान ने इस अधिमास को अंगीकार किया और इसके माहात्म्य व नियम का उल्लेख शास्त्रों एवं ग्रंथों में वर्णित हैं।

राग-भोग और शृंगार आधारित होंगे मनोरथअधिक मास में विवाह और उपनयन संस्कार आदि सांसारिक व मांगलिक शुभ कार्य वर्जित रहते हैं। पुष्टिमार्गीय संप्रदाय में यह समय प्रभु की विशेष आराधना के लिए समर्पित है। जगतगुरु श्रीमद् वल्लभाचार्य जी की पूर्ण कृपा से इस मास में ठाकुरजी के तनसुख का विचार करते हुए पूरे वर्षभर आयोजित होने वाले उत्सव, मनोरथ और सत्संग आदि का भव्य आयोजन (राग-भोग और शृंगार आधारित) पुष्टिमार्गीय सभी हवेलियों में होता है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए श्रीनाथजी की हवेली में 30 दिनों तक मनोरथ उत्सव आयोजित होंगे।

तारीखवार उत्सव होंगे इस प्रकारयह संपूर्ण आयोजन श्रीनाथजी एवं श्री पुरुषोत्तम मन्दिर न्यास द्वारा किया जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार 17 मई से 15 जून तक प्रतिदिन प्रात:कालीन और संध्याकालीन मनोरथों का तारीखवार विवरण इस प्रकार है-

* 17 मई को प्रात: संवत्सर फूल बंगला-संध्या में फूल शृंगार* 18 मई को प्रात: रथयात्रा-संध्या में फूल शृंगार* 19 मई को प्रात: कांच का बंगला-संध्या में कांच का हिंडोला* 20 मई को प्रात: रमणरेती-संध्या में फूल शृंगार* 21 मई को प्रात: फूल बंगला-संध्या में हिंडोला* 22 से 26 मई को प्रात: फूल बंगला-संध्या में फूल शृंगार* 27 मई को प्रात: फूल बंगला-संध्या में दानघाटी पर फूल मंडली* 28 मई को प्रात: राजभोग में छाकलीला-संध्या में हिंडोला* 29 मई को प्रात: फूल बंगला-संध्या में सांझी उत्सव* 30 मई को प्रात: फूल बंगला-संध्या में शरद उत्सव* 31 मई को प्रात: चंदन चोली-संध्या में हिंडोला* 1 जून को प्रात: फूल बंगला-संध्या में हिंडोला* 2 जून को प्रात: फूल बंगला-संध्या में गोचारण* 3 से 5 जून को प्रात: फूल बंगला-संध्या में नौका विहार* 6 जून को प्रात: राजभोग में नौका विहार-संध्या में यमुनाजी पर फूल मंडली* * 7 जून को प्रात: फूल बंगला-संध्या में चुनरी मनोरथ* 8 जून को प्रात: फूल बंगला भोजन थाली-संध्या में यमुनाजी पर हिंडोला* 9 जून को प्रात: फूल बंगला-संध्या में केसरिया घाटा* 10 जून को प्रात: फूल बंगला-संध्या में श्याम सगाई* 11 जून को प्रात: फूल बंगला-संध्या में चवरी* 12 जून को प्रात: राजभोग में छाकलीला-संध्या में चार हिंडोला* 13 जून को प्रात: फूल बंगला-संध्या में पुष्प वितान* 14 जून को प्रात: फूल बंगला-संध्या में हटड़ी मनोरथ* 15 जून को संध्या में विशेष मनोरथ अन्नकूट और गोवर्धन पूजा



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