बिलासपुर। CG NEWS: पुलिस अधिकारियों को पैसा देने के नाम पर डरा-धमकाकर अवैध वसूली करने वाले एक शातिर आरोपी को तारबाहर पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। आरोपियों ने प्रार्थी से कुल 5 लाख रुपये की मांग की थी, जिसमें से 1 लाख रुपये डरा-धमकाकर पहले ही वसूले जा चुके थे। मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है, जिनमें से मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है
पुलिस के नाम पर अवैध वसूली करने वाले आरोपी सुमित कुमार देवांगन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि उसके दो साथी अभी भी फरार हैं। मिली जानकारी के अनुसार, महासमुंद निवासी प्रार्थी रूपेश पटेल 19 जून को किसी व्यक्तिगत विवाद के सिलसिले में तारबाहर थाना पहुंचा था और उसने मदद के लिए अपने दोस्त सचिन मेहर को फोन किया था। मौके का फायदा उठाते हुए सचिन ने अपने साथी सुमित देवांगन के साथ मिलकर एक साजिश रची और रूपेश के परिजनों को यह कहकर डराया कि मामले को रफा-दफा करने के लिए पुलिस अधिकारियों को भारी रिश्वत देनी होगी। आरोपियों ने कुल 5 लाख रुपये की मांग की थी, जिसके दबाव में आकर पीड़ित परिवार ने डर के मारे सुमित के बैंक खाते में 1 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बावजूद आरोपी बकाया 4 लाख रुपये के लिए लगातार धमकी दे रहे थे, जिससे परेशान होकर पीड़ित ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई…..

पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर तारबाहर पुलिस ने सक्रियता दिखाई और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सुमित देवांगन को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ जबरन वसूली की गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। वर्तमान में पुलिस टीम फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है और उम्मीद है कि जल्द ही वे भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।





