रायपुर। CG NEWS: लंबी ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के बाद नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही स्कूलों में बच्चों की चहल-पहल फिर से लौट आई है। विशेष रूप से शहर की झुग्गी-बस्तियों में छोटे-छोटे बच्चों के स्कूल जाने को लेकर उत्साह और उमंग का वातावरण देखने को मिल रहा है। बच्चे नए बस्ते, किताबें और यूनिफॉर्म के साथ अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
इसी अवसर पर उत्कल गांड़ा महिला महामंच की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सावित्री जगत ने विभिन्न झुग्गी-बस्तियों का भ्रमण कर बच्चों एवं उनके अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक और प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों से कहा कि “बच्चों उठो, जागो, पढ़ो, लिखो और आगे बढ़ो। शिक्षा ही हमारे जीवन में सच्ची खुशहाली, सम्मान और सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है।”

श्रीमती जगत ने कहा आज के प्रतिस्पर्धी युग में शिक्षा ही वह शक्ति है जो व्यक्ति, परिवार और समाज का भविष्य बदल सकती है। गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का पूरा अधिकार है। यदि प्रत्येक बच्चा नियमित रूप से विद्यालय जाएगा तो वह अपने सपनों को साकार कर सकता है और समाज तथा राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें तथा उनकी पढ़ाई में सहयोग करें। बाल श्रम, नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से बच्चों को दूर रखते हुए उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने इस अवसर पर बच्चों को नियमित अध्ययन, अनुशासन, स्वच्छता और अच्छे संस्कारों का महत्व भी बताया। संगठन ने संकल्प व्यक्त किया कि वह समाज के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने और स्कूल छोड़ चुके बच्चों को पुनः विद्यालय तक पहुंचाने के लिए निरंतर जनजागरण अभियान चलाएगा।
श्रीमती सावित्री जगत ने कहा कि “आज का शिक्षित बच्चा ही कल का सक्षम नागरिक बनेगा। शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने और समाज में सम्मानपूर्वक जीने का आधार है।”

