
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अंधविश्वास और कथित चमत्कारी इलाज के नाम पर हुई एक 18 वर्षीय युवती की दर्दनाक मौत के मामले में रायपुर की अदालत (Raipur Court) ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी महिला ईश्वरी साहू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
न्यायाधीश पंकज कुमार सिंह की अदालत ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि यह मामला केवल अंधविश्वास नहीं बल्कि गंभीर आपराधिक कृत्य और अमानवीय व्यवहार का उदाहरण है।
यह मामला गरियाबंद जिले के राजिम थाना क्षेत्र के ग्राम सुरसाबांधा का है। आरोप है कि मानसिक रूप से अस्वस्थ 18 वर्षीय योगिता सोनवानी को आरोपी महिला ईश्वरी साहू ने अपने घर में करीब तीन महीने तक बंधक बनाकर रखा था।
इस दौरान उसके साथ कथित तौर पर ‘चमत्कारी इलाज’ के नाम पर झाड़-फूंक, प्रार्थना, बाइबिल पाठ और अमानवीय शारीरिक यातना दी गई।
चमत्कारी तेल और गर्म पानी से इलाज का आरोप
कोर्ट में पेश दस्तावेजों और आरोपों के अनुसार, योगिता को शैतान के प्रभाव में बताकर उसकी छाती पर दबाव बनाया गया, उस पर चमत्कारी तेल और गर्म पानी डाला गया तथा बिना किसी चिकित्सकीय उपचार के ‘भूत-प्रेत भगाने’ के नाम पर गंभीर यातनाएं दी गईं।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में युवती की मौत का कारण पसलियों के टूटने और अत्यधिक दबाव को बताया गया है।
इलाज के दौरान हुई थी मौत
योगिता सोनवानी की मौत 22 मई 2025 को हुई थी। मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब यह सामने आया कि उसे किसी अस्पताल में इलाज नहीं दिया गया और पूरी तरह से अंधविश्वास आधारित तरीके अपनाए गए।
अदालत ने आरोपी ईश्वरी साहू को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 105 (हत्या) के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
इसके अलावा धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत 1 वर्ष की सजा, टोनही प्रताड़ना से जुड़े आरोपों में 1 वर्ष की सजा भी सुनाई गई है।
धर्मांतरण और अत्याचार के आरोप भी शामिल
मामले में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत भी गंभीर आरोप लगाए गए थे। आरोप था कि पीड़िता और उसकी मां पर धार्मिक दबाव बनाकर कथित रूप से धर्म परिवर्तन का प्रयास किया गया।
न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि यह घटना अंधविश्वास, भ्रम और झूठे उपचार के नाम पर की गई गंभीर आपराधिक लापरवाही का परिणाम है, जिसने एक युवा जीवन को समाप्त कर दिया।
यह फैसला छत्तीसगढ़ में अंधविश्वास और झाड़-फूंक के मामलों में एक महत्वपूर्ण न्यायिक कार्रवाई माना जा रहा है।


