सेवा, संवेदना और सशक्त नेतृत्व की मिसाल बने सीएमओ: डॉ. कौशलेन्द्र सिंह

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बिजनौर। किसी भी प्रशासनिक अधिकारी की पहचान केवल उसके पद से नहीं, बल्कि उसके कार्य, व्यवहार और दृष्टिकोण से बनती है। बिजनौर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेन्द्र सिंह ने अपने कार्यकाल में यही साबित किया है कि यदि सेवा भावना और संवेदनशीलता के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जाए, तो व्यवस्था में व्यापक बदलाव संभव है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग जैसे अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में अपनी कार्यशैली से ऐसी सकारात्मक छवि स्थापित की है, जो आमजन के विश्वास और कर्मचारियों की प्रेरणा का केंद्र बन चुकी है।

डॉ. कौशलेन्द्र सिंह ने अपने पद को केवल प्रशासनिक दायित्व तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे जनसेवा का माध्यम बनाया। उनकी कार्यशैली में सरलता, शालीनता और व्यवहार कुशलता का अनूठा संतुलन देखने को मिलता है। यही कारण है कि अधीनस्थ अधिकारी और कर्मचारी उन्हें केवल वरिष्ठ अधिकारी नहीं, बल्कि मार्गदर्शक नेतृत्वकर्ता के रूप में देखते हैं। वे टीम को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं और हर स्तर पर पारदर्शिता तथा जवाबदेही को प्राथमिकता देते हैं।

स्वास्थ्य विभाग में जहां छोटी सी लापरवाही भी बड़े परिणाम ला सकती है, वहां डॉ. सिंह ने हर प्रक्रिया को स्पष्ट और व्यवस्थित बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया। उनकी प्रशासनिक पारदर्शिता ने विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और जिम्मेदार बनाया है। उनके नेतृत्व में कर्मचारियों में कार्य के प्रति गंभीरता और सक्रियता भी देखने को मिली है।

जिला चिकित्सालय की वर्तमान सकारात्मक छवि के पीछे भी डॉ. कौशलेन्द्र सिंह के प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है। अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार, मरीजों को बेहतर सुविधाएं, सेवाओं की गुणवत्ता में वृद्धि और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार-ये सभी उनकी दूरदर्शिता और लगातार निगरानी का परिणाम हैं। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि अस्पताल केवल इलाज का केंद्र न होकर, मरीजों के लिए भरोसे और राहत का स्थान बने।

डॉ. सिंह की सबसे बड़ी विशेषता उनका मानवीय व्यवहार है। अक्सर उच्च पदों पर बैठे अधिकारी आमजन से दूरी बनाए रखते हैं, लेकिन डॉ. कौशलेन्द्र सिंह इस धारणा को पूरी तरह बदलते नजर आते हैं। वे मरीजों से सीधे संवाद करते हैं, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं और त्वरित समाधान के लिए तत्पर रहते हैं। यही कारण है कि मरीज उनसे मिलने में सहज महसूस करते हैं और अपनी समस्याएं खुलकर साझा करते हैं। उनका मृदुभाषी और संवेदनशील स्वभाव मरीजों के मन में विश्वास जगाता है, जो किसी भी स्वास्थ्य सेवा की सबसे बड़ी ताकत होती है। उनके नेतृत्व में बिजनौर की चिकित्सा सेवाओं में व्यापक सुधार देखने को मिला है। न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया गया है, बल्कि लोगों का स्वास्थ्य विभाग के प्रति विश्वास भी बढ़ा है। यह बदलाव केवल संसाधनों के विस्तार से नहीं, बल्कि ईमानदार नीयत, संवेदनशील सोच और सही दिशा में किए गए सतत प्रयासों का परिणाम है।

डॉ. कौशलेन्द्र सिंह की कार्यशैली यह संदेश देती है कि यदि कोई अधिकारी अपने दायित्व को सेवा और संवेदना के साथ निभाए, तो वह केवल व्यवस्था में सुधार ही नहीं ला सकता, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव भी रख सकता है। बिजनौर में उनका योगदान एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है, जो यह दर्शाता है कि सच्ची निष्ठा और समर्पण से किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल की जा सकती है।



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