

- एक प्रकरण और सामने आया 1,250 श्रीराम शिलाएं गायब जिसमें कई कीमती थीं: अराधना मिश्रा
- कांग्रेस ने किसी अफसर या कमिश्नर से न करायें जांच, सिटिंग जज से जांच कराने की उठाई मांग
लखनऊ। अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर के चढ़ावे में हुई अनियमितताओं को लेकर मंगलवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय व कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना एआईसीसी नई दिल्ली मुख्यालय पर पत्रकारों से मुखातिब हुए और इससे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। अजय राय ने पत्रकारों से कहा कि जो आस्था का सैलाब या आस्था का एक वातावरण पूरे देश के अंदर बीजेपी और आरएसएस के लोगों ने खड़ा किया था, आज उसके साथ पूरी तरीके से छल किया जा रहा है।
आस्था को पूरी तरीके से बेचा जा रहा है। कहा कि अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि को लेकर, उसमें पूरे तरीके से, जबरदस्त तरीके से लूट हुई है और यह संगठित लूट है। यह कोई कहे कि कर्मचारियों ने लूट लिया या किसी छोटे व्यक्ति ने लूट लिया, ऐसा नहीं है, इसमें सब बड़े-बड़े लोग शामिल हैं। इन्हीं के एक पूर्व सांसद ने कहा कि अगर मैं नाम लूँगा तो बड़े-बड़े लोग इसमें आ जाएंगे और मैं फंस जाऊंगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बोले कि ट्रस्ट में जो सबसे महत्वपूर्ण चीज है कि एक रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट नृपेंद्र मिश्रा, जो लगभग 5 वर्ष 3 महीने पीएम के प्रमुख सचिव बनकर काम किये उनको ट्रस्ट का चेयरमैन बनाया जाता है तो जिम्मेदार कौन है? कहा कि आप देख सकते हैं चंपत, जो सारा माल चंपत कर गए, निकल गए, उसमें एक नाम अनिल मिश्रा हैं जोकि आरएसएस पृष्ठभूमि के हैं और जो लोग उनसे संबंधित लोग हैं, मोदी से संबंधित हैं, वो सभी लोग उसके अध्यक्ष और उसके मेंबर बने हुए हैं। ड्राइवर, कर्मचारी तो बहुत ही साधारण लोग हैं, उनसे यह सब कराया गया है।
कहा कि पहले इन्होंने चंदा चोरी के नाम पर, पूरी तरीके से जब राम जन्मभूमि का मुद्दा चल रहा था, उस समय इन लोगों ने शिला पूजन करा-कराके गाँवों में तमाम पैसे वसूले जोकि 1,400 करोड़ के ऊपर की चोरी है। कहा कि चाहे 50 हो या 100 हो, उसमें 500 की नोट नहीं थी; 100 था, 50 था जो भी। आज उस चढ़ावे की आस्था को लूट लिया गया। जो एसआईटी है उसमें प्र्रमुख नाम अधिकारी का विजय विश्वास पंत हैं, वो इलाहाबाद के डीएम थे, कमिश्नर तब थे जब महाकुंभ के दौरान वहां पर भगदड़ हो गयी थी और अभी तक उसकी जांच का अता पता नहीं।
जांच के नाम पर यह पूरे तरीके से केवल और केवल एक खानापूर्ति की गई है। हमारी मांग है कि माननीय उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से उसकी जाँच कराई जाए और समयबद्ध, एक हफ्ते से ज्यादा, एक हफ्ते से 10 दिन से ज्यादा समय न देकर उसकी जाँच कराएँ और जाँच कराकर ऊपर कठोर कार्रवाई हो। आराधना मिश्रा बोलीं कि स्पष्ट हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी प्रभु राम की पुजारी नहीं है, प्रभु राम के नाम पर व्यापार किया है।
आगे कहा कि आज ही एक प्रकरण और सामने आया है। 1,250 श्रीराम शिलाएं गायब हो चुकी हैं और उसमें से कई तो ऐसी शिलाएं थी, जो कि बहुत कीमती थी और वो केवल और केवल आस्था के नाम पर प्रभु राम की धरोहर थी, भारतीय जनता पार्टी या उनसे जुड़े हुए घोटालेबाजों की नहीं थी। कहा कि एक प्रश्न पर कि जो चंपत राय बंसल जी हैं, ये प्रवीण तोगड़िया के बड़े नजदीक माने जाते हैं, उसके बाद मोदी जी के नजदीक हुए और अभी तक इनके खिलाफ एफआईआर नहीं हुई है, जांच उन्हीं अधिकारियों को सौंपी गई हैं, जो खुद विवादित रहे हैं, तो आप क्या कहेंगे? आगे कहा कि आज की तारीख में, जिन्होंने प्रभु राम की संपत्ति को ही लूट लिया, ऐसे माफियाओं के ऊपर क्या कार्रवाई करेंगे, बुलडोजर कब चलेगा?